धर्मशास्त्र की कहानियां
मार्था और मरियम—जो सबसे महत्वपूर्ण है उसे चुनना


लूका 10:38–42

मार्था और मरियम

जो सबसे महत्वपूर्ण है उसे चुनना

मार्था यीशु और उसके शिष्यों का स्वागत करता हुई।

मार्था बैतनिय्याह नामक एक गांव में रहती थी। जब यीशु और उनके शिष्य बैतनिय्याह आए, तो मार्था ने अपने घर में उनका स्वागत किया था।

लूका 10:38

मार्था अपने मेहमानों की सेवा कर रही है।

जब यीशु उपदेश दे रहा था, तब मार्था अपने मेहमानों की सेवा करने में बहुत व्यस्त थी। उसकी बहन मरियम यीशु के पास बैठी और उनके वचन सुन रही थी।

लूका 10:39–40

मार्था यीशु से बात कर रही है।

मार्था इस बात से खुश नहीं थी कि उसे सारा काम अकेले ही करना पड़ रहा था। उसे लगा कि मरियम को यीशु की बातें सुनने के बजाय उसकी मदद करनी चाहिए थी। मार्था ने यीशु से कहा कि वह मरियम से बोले कि वह उसकी मदद करे।

लूका 10:40

यीशु मार्था को जवाब देता हुआ।

यीशु देख सकता था कि मार्था बहुत मेहनत कर रही थी। उसने उससे कहा कि उसने देखा कि वह कई बातों को लेकर चिंतित थी।

लूका 10:41

यीशु मार्था और मरियम को सिखाता हुआ।

यीशु ने समझाया कि कुछ बातों दूसरों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण होती हैं। उसने कहा कि मरियम ने उनके वचन सुनने का अच्छा निर्णय लिया था। जो बातें वह यीशु से सीख रही थी, वे उससे कभी वापस नहीं ली जाएंगी।

लूका 10:42