महा सम्मेलन
जाओ और ऐसा ही करो
अक्टूबर 2025 महा सम्मेलन


10:28

जाओ और ऐसा ही करो

मैं उन प्रचारकों की बात करना चाहूंगा जिन्हें सेवा कार्य के लिए नियुक्त किया गया है। वे हमारे लिए उदाहरण हैं।

जब उद्धारकर्ता बेथसैदा से गुजर रहा था, तो कुछ लोग एक अंधे व्यक्ति को उसके पास लाए। शायद वे किसी चमत्कार को प्रत्यक्ष देखने की आशा कर रहे थे। उद्धारकर्ता ने “अंधे आदमी का हाथ पकड़ा और उसे गांव के बाहर ले गया,” ताकि उसे अकेले में चंगा करे। आरंभ में, यह चंगाई कम प्रभावी लग रही थी। उस आदमी ने “ऊपर देखा, और कहा, मैं लोगों को देखता हूं; वे चलते हुए पेड़ों की तरह दिखते हैं।” यीशु ने दया से, “एक बार फिर [अंधे व्यक्ति] की आंखों पर हाथ रखा, और उसे ऊपर देखने को कहा।” उद्धारकर्ता के हाथों के उस अतिरिक्त स्पर्श से, अंधा व्यक्ति “सब कुछ साफ-साफ देखने लगा।”

यह मात्र एक उदाहरण है कि कैसे उद्धारकर्ता का जीवन सेवा के विनम्र कार्यों से चिह्नित होता है। वह हमें याद दिलाता है कि वह “इसलिये नहीं आया कि उसकी सेवा टहल करी जाए,परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे” वह किसी के साथ अतिरिक्त कोस चलकर उसके उदाहरण का अनुसरण करने के लिए कहता है जो कोई मांगे उसे दो, और अपने पड़ोसी से प्रेम करो। जब पूछा गया, “मेरा पड़ोसी कौन है?” मसीह ने अच्छे सामरी का दृष्टान्त सुनाया और आदेश दिया, “जाओ, और तुम भी ऐसा ही करो।”

अंतिम-दिनों के यीशु मसीह के गिरजे के प्रचारक अच्छे सामरी के वर्तमान समय के उदाहरण हैं, उनके जैसा बनने के लिए मसीह हमें आमंत्रित करता है। मैं उन प्रचारकों की बात करना चाहूंगा जिन्हें सेवा कार्य के लिए नियुक्त किया गया है। वे हमारे लिए उदाहरण हैं कि सेवा कैसे (1) यीशु मसीह के सुसमाचार के लिए हृदयों को खोलती है, (2) हम सभी को हमारी परिस्थितियों की परवाह किए बिना सेवा करने की अनुमति देती है, और (3) मसीह की शक्ति को हमारे जीवन में लाती है।

पहला, सेवा यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रति हृदयों को खोलती है।

लगभग 91 ईपू में, अम्मोन, मॉरमन की पुस्तक के प्रचारक, ने राजा लामोनी से अपना परिचय देते हुए कहा, “मैं कुछ समय के लिए इन लोगों के बीच रहना चाहता हूं; … [और] मैं तुम्हारा सेवक रहूंगा।” राजा के प्रति अपनी सेवा के कारण, अम्मोन को “निडर होकर बोलने, … और [राजा लमोनी] को यह बताने” का अवसर दिया गया कि उसने अपनी सेवा किस शक्ति से की थी। बदले में, राजा ने प्रतिज्ञा की थी कि “जो [अम्मोन] चाहेगा … [राजा] उसे देगा।” अम्मोन की एकमात्र विनती यह थी कि राजा यीशु मसीह के सुसमाचार का संदेश सुनें। अम्मोन की सेवा के कारण “हजारों लोगों को पश्चाताप की स्थिति में [लाया गया]।”

हमारे समय में भी सेवा दूसरों को सुसमाचार की ओर लाती है। बहन बेवन शिक्षण प्रचारक सेवा कर रही थीं जब उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं होने लगीं, और वे उपचार के लिए घर लौट आई। सेवामुक्त होने के बजाय, वह घर से ही सेवा प्रचारक सेवा करती रही।

एक दिन पार्क में घूमने के दौरान बहन बेवन और उनकी एक मित्र को चार छोटे बच्चों को लिए मां से बात करने की प्रेरणा मिली, लेकिन वे हिचकिचाई और इस बीच परिवार वहां से चला गया। अगले दिन वे पार्क में वापस आई और प्रार्थना करने लगी कि यह परिवार वहां हो। चमत्कारिक रूप से, मां उसी स्थान पर बैठी थी, जहां पहले दिन बैठी थी। इस बार बहन बेवन और उनकी मित्र ने उस मां से बात की, उसका परिचय लिया और पता चला कि मां को तत्काल सहायता की आवश्यकता थी। उन्होंने सहायता की और फिर उसे सुसमाचार के बारे में जानने के लिए आमंत्रित किया।

उस सेवा और उसके बाद मिले आमंत्रण के कारण, मां और उसके बड़े बच्चे का बपतिस्मा हुआ, और एक वर्ष बाद दूसरे बच्चे का भी बपतिस्मा हुआ। वे आज भी सक्रिय सदस्य हैं। बहन बेवन जानती थीं कि यह अनुभव दिव्य प्रेरणा से मिला था और इससे “[उन्हें] यह साबित हो गया कि [वह] ठीक वहीं थीं जहां परमेश्वर को उनकी आवश्यकता थी।”

अम्मोन और बहन बेवन की तरह, जब हम दूसरों की सेवा करते हैं, तो हम “उन्हें अच्छे उदाहरण दिखाते हैं” और वे “उस आशा का कारण जानना चाहते हैं जो [हमारे] अंदर है।”

यीशु हमें आमंत्रण देता है “जाओ, और तुम भी ऐसा ही करो।”

दूसरा, सेवा हमें अपनी परिस्थितियों की चिंता किए बिना सेवा करने का अवसर देती है।

अध्यक्ष रसल एम. नेल्सन ने “प्रत्येक योग्य, सक्षम युवक को मिशन के लिए तैयार होने और सेवा करने” का आह्वान किया और प्रत्येक सक्षम युवती से “यह जानने के लिए प्रार्थना करने को कहा था कि क्या प्रभु चाहता है कि [वह] मिशन में प्रचारक सेवा करें।” अध्यक्ष नेल्सन ने प्रतिज्ञा की थी कि “मिशन में प्रचारक सेवा करने का आपका निर्णय, चाहे यह परिवर्तन या मिशन में सेवा हो, आपको और कई अन्य लोगों को आशीष देगा।” सेवा मिशनों ने सक्षमशब्द की परिभाषा बदल दी है। अब प्रत्येक सक्षम युवक और युवती जो प्रभु के लिए पूर्णकालिक मिशन सेवा करना चाहते हैं, बहुत कम अपवादों को छोड़कर ऐसा कर सकते हैं।

एल्डर होल्गाडो व्यक्तिगत परिस्थितियों की परवाह किए बिना सेवा करने में सक्षम होने का एक उदाहरण है। वह दुर्लभ आनुवंशिक विकार के साथ पैदा हुए थे, जिसके कारण वह शिक्षण प्रचारक सेवा नहीं कर सके। एल्डर होल्गाडो को सेवा प्रचारक नियुक्त किया गया और उन्होंने धर्माध्यक्ष के भंडारगृह में सेवा की, जहां उन्होंने सैकड़ों लोगों को आवश्यक सहायता प्राप्त करने में मदद की थी। उन्होंने अलमारियों में सामान रखा, सब्जियों की थैलियां भरीं और गत्ते के डिब्बे फैंके थे।

अपने मिशन के बाद प्रभुभोज सभा में एल्डर होल्गाडो ने कहा कि, “परमेश्वर को सेवा प्रचारकों की आवश्यकता है।” उसे ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो दूसरों से प्रेम और सेवा करें। ये लोग टॉयलेट पेपर का स्टॉक करते हैं, ब्रोकली पैक करते हैं, फर्नीचर बनाते हैं, और लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं।”

अच्छा काम करने के लिए आपको किसी सेवा कार्य करने की नियुक्ति या नाम-प्लेट पहनने की आवश्यकता नहीं है। सेवा का प्रत्येक कार्य उद्धारकर्ता द्वारा मान्यता प्राप्त है। हम सभी दूसरों की करुणा से सेवा करके मसीह के पास आने में मदद कर सकते हैं। हम सभी पवित्र आत्मा की शक्ति से मसीह के नाम में सेवा कर सकते हैं और यीशु मसीह में विश्वास के उदाहरण बन सकते हैं। सेवा हमें स्वयं को ऐसा जीवित बलिदान के लिए प्रस्तुत करने की अनुमति देती है जो परमेश्वर को स्वीकार्य हैं।

यीशु हमें आमंत्रण देता है “जाओ, और तुम भी ऐसा ही करो।”

तीसरा, सेवा हमारे जीवन में मसीह की सामर्थ्य लाती है।

एक युवा प्रचारक जिसका दक्षिण अमेरिका में शिक्षण कार्य से यूटाह में सेवा कार्य के लिए तबादला हुआ था, कुछ व्यक्तिगत चुनौतियों से जूझ रहा था, जिसके कारण उसे मसीह की चंगाई की शक्ति की आवश्यकता महसूस हुई। समर्पित सेवा करने से उसे जीवन में यह शक्ति प्राप्त हुई थी। उसने कहा, “मुझे लगा कि जब मैं संघर्ष कर रहा था, तो महसूस करता था कि मसीह मुझे ऊपर उठा रहा है। भोजन भंडार, मंदिर में और उसके सुसमाचार के द्वारा उसे लोगों को आशीष देते हुए देखने में कुछ विशेष बात है।”

इस एल्डर को और भी अधिक खुशी महसूस होने लगी, और उसके नए उत्साह ने उसे और उसके पूरे परिवार को आशीष दी। आत्मा ने उनके घर में बहुतायत से प्रवेश किया, वे अधिक नियमित मंदिर जाते थे, और मसीह उनके परिवार में मुख्य केंद्र हो गया। इस प्रचारक का मानना ​​है कि मसीह ने सेवा के द्वारा उसका जीवन बचाया और उसके परिवार को आशीष दी थी।

अध्यक्ष नेल्सन ने सिखाया था, “दूसरों की सेवा करने और उन्हें मजबूत करने की इच्छा उद्धारकर्ता की मुक्तिदायक शक्ति द्वारा चंगा होने की तैयारी का प्रतीक है।”

यीशु हमें आमंत्रण देता है “जाओ, और तुम भी ऐसा ही करो।”

सेवा प्रचारक यीशु मसीह के समर्पित शिष्यों के उदाहरण हैं

जब आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को सेवा प्रचारक नियुक्त किया जाता है, तो वह खुशी का क्षण होता है। अब आपके परिवार में प्रभु यीशु मसीह का अर्पित प्रतिनिधि रहेगा। इससे आप सभी में अच्छा बदलाव आएगा। सेवा के किसी भी नियुक्ति से निराशा नहीं होनी चाहिए। हम गाते हैं, “मैं वहां जाऊंगा जहां आप मुझे ले जाना चाहते हैं” और “मैं वह बनूंगा जो आप मुझे बनाना चाहते हैं।” यह दिखाने का एक मधुर अवसर है कि हम जो कहते हैं, हमारे लिए वास्तव में अर्थपूर्ण होता है!

आप सभी जो सेवा करते हैं, और विशेष रूप से 4,000 से अधिक युवा सेवा प्रचारकों से हम प्रेम करते हैं! यदि शिक्षण कार्य वाले प्रचारक प्रभु के मुख हैं, तो सेवा प्रचारक, प्रभु के हाथ हैं, और आप किसी से कम प्रचारक नहीं हैं। आप में से प्रत्येक इस्राएल के एकत्र होने में आवश्यक है। अध्यक्ष नेलसन ने सिखाया था: “किसी भी समय जब हम कुछ भी ऐसा करते हैं जिससे किसी की मदद होती है … परमेश्वर के साथ अनुबंधों को बनाने और पालन करने के लिए हम इस्राएल के एकत्र होने में मदद करते हैं।”

आप प्रतिदिन अनेक तरीकों से इस्राएल को एकत्र करते हैं, और आपकी सेवा जीवन बदलती है। अक्सर आप नहीं जानते कि आपकी सेवा का लाभ किसे मिलता है, लेकिन परमेश्वर जानता है। हमेशा याद रखें कि जब आप “इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक [की सेवा करते] हो, … तो [उसकी सेवा करते] हो।” जब आप गिरजा कॉल सेंटरों में सेवा करते हैं तो हम आपकी आवाज सुनते हैं; जब आप सामुदायिक संगठनों में मदद करते हैं तो हम आपकी मुस्कुराहट देखते हैं; और जब आप दुनिया भर के मंदिरों में सेवा करते हैं तो हम आपकी ज्योति महसूस करते हैं। आप भूखों को खाना खिलाते, वस्त्रहीन को वस्त्र पहनाते, और प्यासों को पानी पिलाते हैं।

हम सभी को “जाओ, और वैसा ही करो” की आवश्यकता है।

सेवा मसीह के शिष्यों की जीवन शक्ति है।

सेवा में सुसमाचार के प्रति हृदयों को खोलने की शक्ति है और यह हम सभी को संपूर्ण आत्मा मसीह को समर्पित करने की अनुमति देती है। यह हमारे हृदय को बदलती है ताकि हम उसके समान बन सकें, और इस प्रक्रिया में हम दूसरों को आगे बढ़ाते हैं। अध्यक्ष नेल्सन ने एक बार पूछा था, “आत्मिक पतन से ग्रस्त इस संसार में, क्या लोग…कोई परिवर्तन ला सकते हैं?” उनका जवाब था, “हां! … ‘प्रभु के अनुबंधित लोग, …महान महिमा में परमेश्वर की शक्ति से … सशस्त्र’ … सभी मानवजाति के जीवन को आगे बढ़ा सकते हैं।” सेवा के द्वारा हम हृदय और विश्व को बदलते हैं।

मसीह “अच्छा करता फिरा।” उसने बीमारों की सेवा की, अंधों को दृष्टि दी, गरीबों से भेंट की। उसने भोजन पकाया, विवाह भोज में मदद की, और हजारों भूखे लोगों को खाना खिलाया। जब हम मसीह के नाम में किसी एक की सेवा करते हैं, तो हम अधिक पवित्र होते जाते हैं और अनंत जीवन के उपहार के योग्य बनते जाते हैं। यीशु मसीह जीवित है। वह मेरा और आपका उद्धारकर्ता है। वह हमारा मुक्तिदाता है। वह सेवकाई का हमारे लिए महान उदाहरण है। मैं हम सभी को आमंत्रण देता हूं, जाओ और ऐसा ही करो। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।

विवरण

  1. देखें मरकुस 8:22-26

  2. मत्ती 20:28

  3. देखें मत्ती 5:41

  4. देखें मत्ती 5:42

  5. देखें मत्ती 22:39

  6. देखें लूका 10:29–37

  7. युवा सेवा प्रचारकों के बारे में जानकारी और सेवा के लिए आवेदन कैसे करें, इसके लिए कृपया ChurchofJesusChrist.org/service-missionaryपर जाएं।

  8. अलमा 17:23, 25

  9. अलमा 51:31–39; 18:9-10, 20

  10. अलमा 18:21

  11. देखें अलमा 18:22

  12. अलमा 26:22

  13. बहन बेवन ने फ्लोरिडा टाम्पा मिशन में शिक्षण मिशन और ओरेम यूटाह मिशन में सेवा मिशन में कार्य किया था।

  14. 10 जून 2025 को जेने बेवन के साथ किया व्यक्तिगत साक्षात्कार। कहानी और उद्धरण अनुमति से उपयोग किए गए हैं।

  15. अलमा 17:11

  16. 1 पतरस 3:15

  17. रसल एम. नेल्सन, ““शांति के सुसमाचार का प्रचार,” लियाहोना, मई 2022।

  18. मैं प्राथमिक जनरल अध्यक्षता में प्रथम सलाहकार, सिस्टर एमी ए. राइट का आभारी हूं, जिन्होंने इस नियम को व्यापक रूप से सिखाया है।

  19. रुबिनस्टीन-तैबी सिंड्रोम ।

  20. 3 जून 2025 को स्कॉट और ट्रिशिया होल्गाडो के साथ किया व्यक्तिगत साक्षात्कार। कहानी और उद्धरण अनुमति से उपयोग किए गए हैं।

  21. सेवा प्रचारक उद्देश्य कथन: “उद्धारकर्ता के समान करुणा के साथ सेवा करके दूसरों को मसीह के पास आने में सहायता करना।” पवित्र आत्मा की शक्ति के द्वारा उसके नाम पर सेवा करें और यीशु मसीह में विश्वास, पश्चाताप, परमेश्वर के साथ वाचा का पालन करने और अंत तक धीरज धरने का उदाहरण बनें” (Missionary Standards for Disciples of Jesus Christ—Service Missionaries, 1.0, सुसमाचार लाइब्रेरी)।

  22. देखें रोमियों 12:1

  23. 12 जून 2025 को जॉर्डन फ्राई के साथ किया व्यक्तिगत साक्षात्कार। कहानी और उद्धरण अनुमति से उपयोग किए गए हैं।

  24. रसल एम. नेलसन, “Jesus Christ—the Master Healer,” लियाहोना,नवं. 2005.87।

  25. जुलाई 2022 में, बहन इवानसन और मैं यूटाह ओरेम मिशन के लिए मिशन मार्गदर्शक सेवा कर रहे थे। विश्व में अन्य नौ मिशनों के साथ, हमें एक पायलट परियोजना में भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसमें युवा सेवा प्रचारकों को हमारे मिशन में शामिल किया गया। हमारी पहली भेंट के बाद, मैंने अपनी डायरी में लिखा: “आज रात हमारी एक बहुत ही खास मुलाकात हुई थी। हमने अपने मिशन में 140 से अधिक नये प्रचारकों और उनके माता-पिता से मुलाकात की। सभागृह और जिम पूरी तरह से भरे हुए थे, और हमने यूटाह ओरेम मिशन में सेवा प्रचारकों का स्वागत करने के लिए एक आत्मा से भरी, उत्साही सभा आयोजित की। मैं उनके प्रति हमारे प्रेम की भावना से भर गया था। सभी सेवा करने को तैयार हैं। वह एक सुंदर सुबह थी। इन प्रचारकों की परिस्थितियां चोटों से उबरने वाले पूर्व शिक्षण प्रचारकों से लेकर व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले संवादरहित वाले प्रचारकों तक फैली हुई थीं। उस सभा के बाद, बहन इवानसन ने मुझसे कहा, “अब हमारा मिशन पूरा हो गया है।”

  26. देखें David A. Bednar, “Called to the Work,” Liahona, मई 2017, 67–70।

  27. “I’ll Go Where You Want Me to Go,” Hymns, सं. 270।

  28. देखें मत्ती 23:11

  29. रसल एम. नेल्सन, “परमेश्वर को विजयी होने दो,” लियाहोना, नवं. 2020, 92–93।

  30. मत्ती 25:40

  31. देखें मत्ती 25:34-36

  32. देखें ओमनी 1:26

  33. Russell M. Nelson, “Personal Preparation for Temple Blessings,” Liahona, जुलाई 2001, 39।

  34. प्रेरितों के काम 10:38

  35. देखें मरकुस 1:30-31

  36. देखें मरकुस 8:22-26

  37. देखें लूका 19:1-10

  38. देखें यूहन्ना 21:9

  39. देंखें यूहन्ना 2:1-10

  40. देंखें यूहन्ना 6:5-13

  41. देखें मत्ती 25:34; याकूब 12:1