महा सम्मेलन
कोई भी अकेला नहीं बैठता
अक्टूबर 2025 महा सम्मेलन


14:3

कोई भी अकेला नहीं बैठता

यीशु मसीह के सुसमाचार का पालन करने में उसके पुनर्स्थापित गिरजे में सब के लिए जगह बनाना शामिल है।

I.

50 वर्षों से, मैंने सुसमाचार संस्कृति सहित, कई संस्कृतियों का अध्ययन किया है। मैंने फॉर्चून कुकीज से शुरुआत की थी।

सैन फ्रांसिस्को के चाइनाटाउन में, गोंग परिवार के रात्रिभोज का समापन किसी फॉर्चून कुकी और ज्ञानी कहावत के साथ होता था, जैसे कि “एक हजार मील की यात्रा एक कदम से आरंभ होती है।”

फॉर्चून कुकीज में लिखा सौभाग्य

एक युवा वयस्क के रूप में, मैं फॉर्चून कुकीज बनाता था। सफेद कपड़े के दस्ताने पहनकर, मैं ओवन से निकाल कर गर्म गोल कुकीज को मोड़कर आकार देता था।

फॉर्चून कुकीज बनाते हुए
फॉर्चून कुकीज मोड़ते हुए

मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि फॉर्चून कुकीज असल में चीनी संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं। चीनी, अमेरिकी और यूरोपीय फॉर्चून कुकी संस्कृति में अंतर समझने के लिए, मैंने कई महाद्वीपों पर फॉर्चून कुकी की खोज की—ठीक उसी तरह जैसे कोई जंगल की आग को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों का उपयोग करता है। सैन फ्रांसिस्को, लॉस एंजिल्स और न्यूयॉर्क के चीनी रेस्तरां फॉर्चून कुकीज परोसते हैं, लेकिन बीजिंग, लंदन या सिडनी के रेस्तरां ऐसा नहीं करते। केवल अमेरिकी लोग ही राष्ट्रीय फॉर्चून कुकी दिवस मनाते हैं। केवल चीनी विज्ञापनों में ही ”असली अमेरिकी फॉर्चून कुकीज” दिखाई जाती है।

फॉर्चून कुकीज एक मजेदार, सरल उदाहरण है। लेकिन विभिन्न परिस्थितियों में सांस्कृतिक प्रथाओं की तुलना करने का यही नियम हमें सुसमाचार संस्कृति में अंतर करने में मदद कर सकता है। और अब प्रभु सुसमाचार संस्कृति सीखने के लिए नए अवसर खोल कर रहा है जब मॉरमन पुस्तक के उदाहरण और नए नियम के दृष्टान्त की भविष्यवाणियां पूरी हो रही हैं।

II.

लोग सब जगह जाकर बस रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 281 मिलियन अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी हैं। यह 1990 की तुलना में 128 मिलियन अधिक व्यक्ति हैं और 1970 के अनुमान से तीन गुना अधिक है। हर जगह, रिकॉर्ड संख्या में परिवर्तित लोग अंतिम-दिनों के संतों का यीशु मसीह के गिरजे में शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक रविवार को, 195 जन्म देशों और क्षेत्रों के सदस्य और मित्र 31,916 गिरजा समूहों में एकत्रित होते हैं। हम 125 भाषाएं बोलते हैं।

अल्बानिया में संतों से मिलते हुए
उत्तरी मैसेडोनिया में संतों से मिलते हुए
कोसोवो में संतों से मिलते हुए
स्विट्जरलैंड में संतों से मिलते हुए
जर्मनी में संतों से मिलते हुए
जर्मनी में संतों से मिलते हुए

हाल में, अल्बानिया, उत्तरी मैसेडोनिया, कोसोवो, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में, मैंने नए सदस्यों को जैतून के वृक्ष के बारे में मॉरमन की पुस्तक के उदाहरण को पूरा करते हुए देखा था। याकूब 5में, दाख के बगीचे का स्वामी और उसके सेवक विभिन्न स्थानों से जैतून के वृक्षों की जड़ों और शाखाओं दोनों को इकट्ठा करके और उन्हें एक साथ कलम लगा कर उन्हें मजबूत करते हैं। आज परमेश्वर की सन्तानें यीशु मसीह में एक होकर एकत्रित होती हैं; प्रभु हमें अपने पुनर्स्थापित सुसमाचार की परिपूर्णता को बढ़ाने के लिए एक उल्लेखनीय प्राकृतिक साधन प्रदान करता है।

हमें स्वर्ग के राज्य के लिए तैयार करते हुए, यीशु बड़े भोज और विवाह भोज के दृष्टान्त का वर्णन करता है। इन दृष्टान्तों में, आमंत्रित अतिथि न आने के बहाने बनाते हैं। स्वामी अपने सेवकों से “शहर की सड़कों और गलियों में जल्दी से जाने” और “राजमार्गों और बाड़ों पर जाने” और गरीबों, अपाहिजों, लंगड़ों और अंधे लोगों को “यहां लाने” के लिए कहता है। आत्मिक दृष्टि से कहें तो, हममें से प्रत्येक इनमें से एक है।

पवित्र शास्त्र कहता है:

“प्रभु के घर के भोजन के लिए सभी राष्ट्रों को आमंत्रण दिया जाएगा।”

“तुम प्रभु के मार्ग तैयार करो, … कि उसका राज्य पृथ्वी पर फैल जाए, ताकि इसके निवासी इसे स्वीकार कर सकें, और आने वाले दिनों के लिए तैयार हों।”

आज प्रभु के भोज के लिए आमंत्रित लोग हर स्थान और संस्कृति से आते हैं। वृद्ध और जवान, अमीर और गरीब, स्थानीय और विश्वव्यापी, हम अपने गिरजे के समूहों को अपने समुदायों की तरह बनाते हैं।

मुख्य प्रेरित के रूप में, पतरस ने दिव्यदर्शन देखा, “कि आकाश खुल गया; और एक पात्र बड़ी चादर के समान चारों कोनों से लटकता हुआ, पृथ्वी की ओर उतर रहा है।” पतरस ने सिखाया था: “मुझे निश्चय हुआ, कि परमेश्वर किसी का पक्ष नहीं करता है। … हर जाति में जो [प्रभु] का भय मानता, और धार्मिक काम करता है, वह उसे स्वीकार है।”

अच्छा सामरी

अच्छे सामरी के दृष्टांत में, यीशु हमें एक दूसरे के निकट और उसकी सराय में—उसके गिरजे में आने के लिए आमंत्रित करता है। वह हमें अच्छा पड़ोसी बनने के लिए कहता है। अच्छा सामरी वापस लौटने और उसकी सराय में रहने वालों की देखभाल का प्रतिफल देने की प्रतिज्ञा करता है। यीशु मसीह के सुसमाचार का पालन करने में उसके पुनर्स्थापित गिरजे में सब के लिए जगह बनाना भी शामिल है।

“सराय में जगह” की परिकल्पना में “कोई भी अकेला नहीं बैठता” शामिल है। जब आप गिरजे में आते हैं, और किसी को अकेला देखते हैं तो क्या आप उसका स्वागत करेंगे और उसके साथ बैठेंगे? हो सकता है यह आपकी प्रथा न हो। वह व्यक्ति आपसे अलग दिख या बोल सकता है। और बेशक, जैसा कि कोई फॉर्चून कुकी कह सकती है, “सुसमाचार मित्रता और प्रेम की यात्रा पहले स्वागत करने से शुरू होती है और कोई भी अकेला नहीं बैठता है।”

“कोई भी अकेला नहीं बैठता” का अर्थ यह भी है कि कोई भी भावनात्मक या आत्मिक रूप से अकेला नहीं बैठता। मैं एक दुखी पिता के साथ उसके बेटे से मिलने गया था। कई साल पहले, बेटा नया डीकन बनने के लिए उत्साहित था। इस अवसर पर उसके परिवार ने उसके लिए पहली जोड़ी नये जूते खरीदे थे।

लेकिन गिरजे में, डीकनों उसका मजाक उड़ाया था। क्योंकि उसके जूते नये थे, लेकिन नए फैशन के नहीं थे। शर्मिंदा और आहत हुए, उस युवा डीकन ने कहा कि वह फिर कभी गिरजा नहीं जाएगा। मेरा हृदय अभी भी उसके और उसके परिवार के लिए टूटा हुआ है।

जेरिको की धूल भरी सड़कों पर, हम में से प्रत्येक का मजाक उड़ाया गया है, हमें शर्मिंदा किया गया है और चोट पहुंचाई गई है, शायद तिरस्कार किया गया है या हमारे साथ दुर्व्यवहार किया गया है। और अलग-अलग इरादे से, हममें से प्रत्येक ने दूसरों की उपेक्षा की है, उन्हें देखा या सुना नहीं है, और शायद जानबूझकर उन्हें चोट पहुंचाई है। यह वास्तव में इसलिए है क्योंकि हमें चोट पहुंची है और हमने दूसरों को चोट पहुंचाई है इसलिए यीशु मसीह हमें उसकी सराय में लाता है। उसके गिरजे में और उसकी विधियों और अनुबंधों के माध्यम से, हम एक दूसरे के और यीशु मसीह के निकट आते हैं। हम प्रेम करते और प्रेम पाते हैं, सेवा करते और सेवा पाते हैं, क्षमा करते और क्षमा पाते हैं। कृपया याद रखें, “पृथ्वी पर ऐसा कोई दुख नहीं जिसे प्रभु दूर न कर सके”; पृथ्वी का बोझ हल्का हो जाता है—हमारे उद्धारकर्ता का आनंद वास्तविक है।

1 नफी 19में, हम पढ़ते हैं: “यहां तक कि [वे] इस्राएल के परमेश्वर को भी पैरों तले रोंदते हैं; … वे उसे महत्वहीन समझते हैं। … इसलिए वे उसे सताते हैं, और वह इसे सहता है; और वे उसे मारते हैं, और वह इसे सहता है। हां, वे उस पर थूकते हैं, और वह इसे सहता है।”

मेरे मित्र प्रोफेसर टेरी वार्नर कहते हैं कि न्याय करना, कोड़े मारना, पीटना और थूकना कभी-कभार होने वाली घटनाए नहीं थीं जो केवल मसीह के नश्वर जीवन के दौरान ही हुई थीं। जो हम एक दूसरे के साथ—विशेषकर भूखे, प्यासे, अकेले छोड़े गए लोगों—व्यवहार करते हैं, वैसा ही व्यवहार हम उसके साथ करते हैं।

उसके पुनर्स्थापित गिरजे में, हम सभी तब बेहतर होते हैं जब कोई भी अकेला नहीं बैठता है। आइए हम केवल साथ बैठना या सहनशीलता न अपनाएं। आइए हम सच्चे हृदय से स्वागत करें, स्वीकार करें, सेवा करें, प्रेम करें। प्रत्येक मित्र, बहन, भाई विदेशी या अजनबी न हो बल्कि घर के बच्चे के समान हो।

महिला गिरजे में अकेली बैठी है

आज बहुत से लोग अकेलापन और एकाकी महसूस करते हैं। सोशल मीडिया और आर्टफिशल इन्टेलिजन्स एक ऐसी प्यास पैदा कर सकते हैं कि हम मानवीय निकटता और मानवीय स्पर्श को तरसने लगते हैं। हम एक दूसरे की आवाज सुनना चाहते हैं। हम असली अपनापन और दया चाहते हैं।

गिरजे में मित्रों के साथ बैठे हुए

ऐसे कई कारण हैं जिनके कारण हमें ऐसा महसूस हो सकता है कि हम गिरजे में फिट नहीं बैठते हैं—और, लगता है, मानो हम अकेले बैठे हैं। हो सकता है हम अपनी भाषा, कपड़ों, पारिवारिक स्थिति के बारे में सोचते हैं। शायद हम अयोग्य होना महसूस करते हैं, धुएं की गंध आती है, नैतिक शुद्धता चाहते हैं, किसी के साथ संबंध टूट जाने पर दुख और शर्मिंदगी महसूस करते हैं, इस या उस गिरजा नीति के बारे में चिंता करते हैं। हम अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा हो सकते हैं। हमारे बच्चे शोर मचाते हैं; या हमारे कोई बच्चे नहीं हैं। हमने कोई प्रचारक सेवा नहीं की या जल्दी घर लौट आए थे। यह सूची बहुत लंबी हो सकती है।

मुसायाह 18:21 हमारे ह्रदयों को प्रेम से जोड़ने के लिए आमंत्रित करता है। मैं हमें कम चिंता, कम आलोचना करने, दूसरों से कम अपेक्षा रखने—और, जब आवश्यक हो, तो स्वयं को क्षमा करने के लिए आमंत्रित करता हूं। हम एक दिन में सिय्योन का निर्माण नहीं कर सकते। लेकिन प्रत्येक का प्रेम भरे भाव से “स्वागत” करना, सिय्योन को करीब लाता है। आइए हम प्रभु पर अधिक भरोसा रखें और उसकी सभी आज्ञाओं का पालन करने का आनंदपूर्वक चुनाव करें।

III.

सैद्धान्तिक रूप से, विश्वास के परिवार और संतों की संगति में, यीशु मसीह में अनुबंध के कारण कोई भी अकेला नहीं बैठता है।

भविष्यवक्ता जोसफ स्मिथ ने सिखाया था: ”यह हमारे लिए छोड़ दिया गया है कि हम देखें, भाग लें और अंतिम-दिन की महिमा को आगे बढ़ाने में मदद करें, ‘समय की परिपूर्णता का वितरण … ,’जब परमेश्वर के संत हर देश, और जाति, और लोगों से एक में एकत्र होंगे।”

परमेश्वर “ऐसा कोई भी कार्य नहीं करता जो संसार के लाभ के लिए न हो; … ताकि वह सब पुरुषों [और स्त्रियों] को अपने निकट ला सके। …

“… वह उन सब को उसके पास आने और उसकी भलाई में भाग लेने का निमंत्रण देता है; … परमेश्वर के लिए सब समान हैं।”

यीशु मसीह में परिवर्तन के लिए हमें प्राकृतिक मनुष्यत्व और सांसारिक संस्कृति का त्याग करने की आवश्यकता है। जैसा अध्यक्ष डालिन एच. ओक्स सिखाते हैं, हमें ऐसी किसी भी परंपरा और सांस्कृतिक प्रथा को छोड़ देना चाहिए जो परमेश्वर की आज्ञाओं के विपरीत है और अंतिम-दिनों के संत बनना चाहिए। वह समझाते हैं, “एक अनूठी सुसमाचार संस्कृति, मूल्यों और अपेक्षाओं और प्रथाओं का एक समूह अंतिम-दिनों के संतों का यीशु मसीह के गिरजे के सभी सदस्यों के लिए समान है।” सुसमाचार संस्कृति में शुद्धता, गिरजे में साप्ताहिक रूप से जाना, शराब, तंबाकू, चाय और कॉफी से परहेज शामिल है। इसमें ईमानदारी और निष्ठा, तथा यह समझना शामिल है कि हम गिरजा पदों पर ऊपर या नीचे नहीं, बल्कि आगे बढ़ते हैं।

मैं प्रत्येक देश और संस्कृति के विश्वासी सदस्यों और मित्रों से सीखता हूं। विभिन्न भाषाओं और सांस्कृतिक दृष्टिकोणों में अध्ययन किए गए पवित्र शास्त्र सुसमाचार की समझ को गहरा करते हैं। मसीह समान गुणों की विभिन्न अभिव्यक्तियां मेरे उद्धारकर्ता के प्रति मेरे प्रेम और समझ को अधिक गहरा करती हैं। जैसा अध्यक्ष रसल एम. नेल्सन सिखाया था, सभी लोग आशीषित होते हैं जब हम अपनी सांस्कृतिक पहचान को परमेश्वर के बच्चे के रूप में, अनुबंध के बच्चे, मसीह के शिष्य के रूप में परिभाषित करते हैं।

यीशु मसीह की शांति हमारे लिए व्यक्तिगत रूप से है। हाल ही में, एक युवक ने गंभीरता से पूछा, “एल्डर गोंग, क्या मैं भी स्वर्ग जा सकता हूं?” वह सोचता था कि क्या उसे कभी क्षमा किया जा सकेगा। मैंने उसका नाम पूछा, ध्यान से सुना, उसे अपने धर्माध्यक्ष से बात करने के लिए आमंत्रित किया, और उसे गले लगाया था। वह यीशु मसीह में आशा के साथ चला गया।

मैंने उस युवक का उल्लेख किसी अन्य स्थान में किया था। बाद में मुझे एक बिना हस्ताक्षर का पत्र मिला, जिसकी शुरुआत इस प्रकार हुई, “एल्डर गोंग, मैंने और मेरी पत्नी ने नौ बच्चों का पालन-पोषण किया है … और दो मिशनों में सेवा की है।” लेकिन “मुझे हमेशा लगता था कि मुझे सिलेस्टीयल राज्य में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी … क्योंकि युवावस्था में मेरे पाप बहुत बुरे थे!”

पत्र में आगे लिखा था, “एल्डर गोंग, जब आपने उस युवक को क्षमा की आशा मिलने के बारे में बताया, तो मैं खुशी से भर गया, और मुझे एहसास होने लगा कि शायद मुझे [क्षमा] मिल सकती है।” पत्र का समापन इस प्रकार है, “अब मैं स्वयं से भी प्रेम करता हूं!”

अनुबंध संबंध अधिक गहरा होता है जब हम उसकी सराय में एक दूसरे के और प्रभु के निकट आते हैं। जब कोई भी अकेला नहीं बैठता तो प्रभु हम सभी को आशीष देता है। और कौन जानता है? हो सकता है हम जिस व्यक्ति के बगल में बैठते हैं, वह हमारा सर्वश्रेष्ठ फॉर्चून कुकी मित्र बन जाए। हम विनम्रतापूर्वक मेमने के भोज में उसके और एक दूसरे के लिए जगह पाएं और बनाएं, मैं विनम्रतापूर्वक यह प्रार्थना करता हूं यीशु मसीह के पवित्र नाम में, आमीन।

विवरण

  1. देखें “Fortune Cookies Didn’t Come from China,” Royal Examiner, 26 दिस. 2021, royalexaminer.com/fortune-cookies-didnt-come-from-china; “National Fortune Cookie Day,” Days of the Year, daysoftheyear.com/days/fortune-cookie-day।

  2. सांस्कृतिक त्रिभुजीकरण की प्रक्रिया से यह भी पता लगाने में मदद मिल सकती है कि सुसमाचार संस्कृति, स्थानीय राष्ट्रीय संस्कृति और आधुनिक महानगरीय संस्कृति क्या है।

  3. International Organization for Migration, World Migration Report 2024, 21, publications.iom.int/books/world-migration-report-2024। “2022 में, दुनिया में 117 मिलियन विस्थापित लोग होंगे, और 71.2 मिलियन आंतरिक रूप से विस्थापित लोग होंगे” (World Migration Report 2024, xii)।

  4. देखें याकूब 5

  5. हर भाषा और संस्कृति में ऐसे शब्द और शब्दावली होती हैं जो हृदय की कोमल भावनाओं का वर्णन करती हैं। जब हम एक दूसरे से सीखते हैं तो उसके पुनर्स्थापित सुसमाचार की हमारी परिपूर्णता बढ़ती जाती है। हाल ही में, बहन एनाली (मूल रूप से म्यूनिख से) और सूजी मायर्स, एल्डर एरिच और बहन क्रिस्टियन कोपिस्के, और एल्डर जोर्ग और बहन जूलिया क्लेबिंगट ने अनोखे जर्मन शब्द साझा किए जो हृदय को छू जाते हैं। इन शब्दों में बताई गई भावनाएं सतही औपचारिकता से परे हैं। वे दिनचर्या या कर्तव्य से बढ़ कर कार्य करती हैं। ये भावनाएं हृदय की बात करती हैं, गर्मजोशी भरे, घनिष्ठ संबंधों की बात करती हैं; हमारी दिव्य आत्माओं में आत्मिक आनंद की बात करती हैं। जर्मन में इन विशेष शब्दों में शामिल हैं Gemütlichkeit और gemütlich, Heimat, Heimweh, Geborgenheit, Zuflucht, Herzensangelegenheit, Herzensmensch, और Schummerstunde (उत्तर से एक दुर्लभ और काव्यात्मक शब्द)।

  6. लूका 14:21, 23। इसी तरह, विवाह के भोज के दृष्टांत में, जब आमंत्रित मेहमान नहीं आते, तो राजा अपने सेवकों को निर्देश देता है कि वे “राजमार्गों” पर “जितने भी लोग मिलें, उन्हें इकट्ठा करें” (मत्ती 22:9)।

  7. सिद्धांत और अनुबंध 58:9; सिद्धांत और अनुबंध 58:6–8, 10–12भी देखें।

  8. सिद्धांत और अनुबंध 65:3, 5; सिद्धांत और अनुबंध 33:17भी देखें।

  9. प्रेरितों के काम 10:11–12, 34–35; प्रेरितों के काम 10:9–10, 13–18, 24–33, 44–48; 11:1–18; 15:6–11भी देखें।

  10. हमारे एक दूसरे के पास आने और उसकी सराय में उसके आने की परिकल्पना 3 नफी 18:32में व्यक्त की गई है। हमारे आराधनालयों में “कोई भी अकेला न बैठे” और एक-दूसरे के प्रति हमारी निरंतर गर्मजोशी भरी सेवा, वास्तव में वह साधन हो सकता है जिसके द्वारा हम और वे “वापस लौटें और पश्चाताप करें, और संपूर्ण मन से [उसके] पास आएं, और [वह] उन्हें चंगा करेगा; और [हम] उनके लिए उद्धार लाने का साधन बनेंगे।”

  11. सिद्धांत और अनुबंध 104:15, 17 हमें याद दिलाता है, “सब वस्तुएं [प्रभु की]” हैं और “पृथ्वी भरपूर है, और यहां जरूरत से अधिक है।” तदनुसार, गरीब और अमीर सभी को ऊंचा उठाने और नीचा करने में सहायता करनी है। इसी तरह, राजा बिन्यामीन पूछता है, “क्या हम सब भिखारी नहीं हैं?” इस प्रकार अमीर और गरीब दोनों स्वेच्छा से “वह वस्तु जो [उनके] पास है, दूसरों को देना चाहते हैं” (मुसायाह 4:19, 21; मुसायाह 4:25–27भी देखें)।

  12. “Come, Ye Disconsolate” (Hymns, no. 115) में, थॉमस मूर लिखते हैं: “दया के सिंहासन के निकट आओ, उत्साह से घुटने टेको। अपने आहत हृदयों को यहां लाओ, अपनी पीड़ा यहां बताओ। “पृथ्वी में ऐसा कोई दुख ऐसा नहीं है जिसे स्वर्ग दूर नहीं कर सकता है।”

  13. 1 नफी 19:7, 9। पहाड़ी उपदेश में, प्रभु कहता है, जो तेरे एक गाल पर थप्पड़ मारे उस की ओर दूसरा भी फेर दे; और जो तेरी दोहर छीन ले, उस को कुरता लेने से भी न रोक” (लूका 6:29)।

  14. देखें मत्ती 25:35-40

  15. “अब मैं न तो अजनबी हूं और न ही मेहमान, बल्कि घर के बच्चे के समान” (“My Shepherd Will Supply My Need,” Hymns—For Home and Church, सुसमाचार लाइब्रेरी)।

  16. यीशु मसीह का सुसमाचार समय और संस्कृति से परे है। मेरे लिए यह एक उल्लेखनीय गवाही है कि मॉरमन की पुस्तक अमेरिका की प्राचीन सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में यीशु मसीह के सुसमाचार की परिपूर्णता की शिक्षा देती है।

  17. जैसा Teachings of Presidents of the Church: Joseph Smith (2007), 513; में भविष्यवक्ता जोसफ स्मिथ और प्रथम अध्यक्षता ने उनके सलाहकारों द्वारा सिखाया गया था; इफिस्सियों 1:10भी देखें।

    आज गिरजा सदस्य विभिन्न प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में रहते हैं। हमारे वार्ड और शाखाएं आकार और मार्गदर्शक साधनों में भिन्न हैं। ”एकरूपता और अनुकूलन” के नियम परिवार और उसके पुनर्स्थापित गिरजे को सुसमाचार के तरीकों से मजबूत करने में मदद कर सकते हैं, चाहे हम कहीं भी रहें (देखें Handbook 2: Administering the Church [2010], 17.0)।

  18. 2 नफी 26:24, 33, महत्व जोड़ा गया; 2 नफी 29; अलमा 29:8भी देखें। सिद्धांत और अनुबंध 90:11 प्रतिज्ञा करता है कि “प्रत्येक व्यक्ति सुसमाचार की परिपूर्णता अपनी स्वयं की जबान, और उसकी स्वयं की भाषा में सुनेगा।” यह प्रतिज्ञा पूरी होती है जब हम अपने घरों और गिरजे में कई बोलियों और सुसमाचार सांस्कृतिक भाषा को एक साथ लाते हैं।

  19. देखें Dallin H. Oaks, “Repentance and Change,” Liahona, Nov 2003, 37–40।

  20. Dallin H. Oaks, “Repentance and Change,” 39।

  21. देखें Dallin H. Oaks, “Repentance and Change,” 39।

  22. देखें विश्वास के अनुच्छेद 1:13। जब विविध शाखाएं और जड़ें यीशु मसीह में एक के रूप में गुंथी जाती हैं, हम और अधिक पाते हैं “जो सदाचारी, प्रिय, या उत्तम लेख या प्रशंसनीय हो” है। हम पहले को अंतिम और अंतिम को पहले देखते हैं। हम आनंदित होते हैं जब सीखने वाले सिखाते हैं और शिक्षक सीखते हैं। सब मिलकर ज्ञान प्राप्त करते और आनंदित होते हैं (देखें सिद्धांत और अनुबंध 50:22)।

  23. देखें रसल एम. नेल्सन, “Choices for Eternity” (worldwide devotional for young adults, 15 मई 2022), सुसमाचार लाइब्रेरी।

  24. जेडीयाह एम. ग्रांट, जिन्होंने ब्रिघम यंग के साथ प्रथम अध्यक्षता में कार्य किया था, ने आत्मिक दुनिया के दिव्य दर्शन को बताया था जिसमें कई प्रकार के सुंदर फूल एक साथ फलते-फूलते थे, जो संभवतः विविधता में एकता और सुंदरता का रूपक था। “मैंने इस पृथ्वी पर अच्छे बगीचे देखे हैं, लेकिन मैंने कभी भी उनकी तुलना में कोई बगीचा नहीं देखा” उन्होंने कहा था। “मैंने अनेक प्रकार के फूल देखे, और कुछ में तो एक ही शाखा पर पचास से लेकर सौ तक विभिन्न रंगों के फूल उगे हुए थे।” उन्होंने “आत्मिक संसार की सुंदरता और महिमा का अनुभव किया जहां धर्मी आत्माएं एकत्रित होती हैं” (“Remarks, at the Funeral of President Jedediah M. Grant, by President Heber C. Kimball,” Deseret News, 10 दिसं. 1856, 317, newspapers.lib.utah.edu/details?id=2574673)।

    अध्यक्ष डेविड ओ. मैके ने भी परमेश्वर के अनंत शहर के सपने या दिव्य दर्शन के बारे में लिखा था, जहां उन्होंने पेड़ों, फलों, झाड़ियों और फूलों को परिपूर्ण रूप खिलते हुए देखा था। “मुझे लगता था मानो रसीले फलों वाले वृक्ष, खूबसूरत रंग-बिरंगे पत्तों वाली बेलें, और खिले हुए फूल हर जगह मौजूद थे” (Teachings of Presidents of the Church: David O. McKay [2003], 1)।