महा सम्मेलन
प्रभु अपने कार्य में तेजी ला रहा हैं
अक्टूबर 2025 महा सम्मेलन


14:55

प्रभु अपने कार्य में तेजी ला रहा हैं

जैसा की प्रभु अपना कार्य तेज कर रहा हैं, हमें भी उन लोगों से प्रेम करना चाहिए, उनका पोषण करना चाहिए और उनकी सेवा करनी चाहिए जो उसके सुसमाचार को स्वीकार करते हैं।

चार्ल्स डिकेंस ने अपने क्लासिक उपन्यास ए टेल ऑफ़ टू सिटीज़ की शुरुआत इस कथन के साथ की थी कि “यह सबसे अच्छा समय था, यह सबसे बुरा समय था।“ एक तरह से, यह बात हमारे समय में भी सच है।

हम एक अशांत समय में जी रहे हैं जब “सारी पृथ्वी पर हलचल मची हुई [है]।” अध्यक्ष रसल एम. नेल्सन द्वारा यीशु मसीह के अनुयायियों के रूप में शांति स्थापित करने की दी गई सलाह पर आज सुबह एल्डर गैरी ई.स्टीवेंसन ने खूबसूरती से जोर दिया। यह “सबसे बुरे समय“ में एकता, शांति और चंगाई को बढ़ावा देने का एक अनिवार्य हिस्सा है।

हम “सर्वोत्तम समय,” में भी रह रहे हैं, जिस पर मैं महत्व दूंगा। प्रभु ने सिद्धांत और अनुबंधों के भाग 1, की प्रस्तावना में घोषित किया है, सुसमाचार की परिपूर्णता “दुनिया के छोर तक घोषित की जाएगी।” प्रभु सचमुच हमारे समय में अपने कार्य को तेज कर रहा हैं। हमें इस तेजी के लिए बहुत आभारी होना चाहिए, जो इन चुनौतीपूर्ण समय के बावजूद घटित हुई है और हो रही है। हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब प्रभु के अनुयायियों को उसकी आवाज सुनने और खुले दिल और दिमाग से प्रतिक्रिया देने का सौभाग्य प्राप्त है। अंतिम दिनों के संतो के यीशु मसीह के गिरजे के सदस्य, जो उद्धारकर्ता और उसकी आज्ञाओं के प्रति प्रतिबद्ध हैं, उद्देश्य और गहन व्यक्तिगत शांति पा रहे।

गिरजे के इतिहास में विभिन्न समयों पर, अनुबंध पथ पर चलने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसा ही एक समय काल 1837 और 1850 के बीच हुआ। प्रभु के पुन; स्थापित गिरजे के कुछ आरंभिक प्रेरितों ने यूनाइटेड किंगडम में प्रचारक कार्य किये।. इन प्रचारक कार्यो के परिणामस्वरूप हजारों लोग गिरजा में शामिल हुए और 1850 तक यूनाइटेड किंगडम में संयुक्त राज्य अमेरिका की तुलना में गिरजे के अधिक सदस्य रहने लगे। उस समय, प्रभु ने इन संतों को यूटा में एकत्रित होने का निर्देश दिया। बड़े पैमाने पर उत्प्रवास हुआ, जिनमें से कुछ को सतत उत्प्रवास निधि द्वारा ऋण उपलब्ध कराकर सहायता प्रदान की गई।

मुझे 1852 में इंग्लैंड और वेल्स से बड़ी संख्या में परिवर्तित लोगों के साल्ट लेक घाटी में आगमन के लेख बहुत पसंद है। कैप्टन पिट्स बैंड के साथ समूह का स्वागत प्रथम अध्यक्षता द्वारा एमिग्रेशन कैनियन, के मुहाने पर किया गया। डेजरेट न्यूज ने उनका वर्णन इस प्रकार किया, “बहनों और बच्चों [सहित] यात्रियों का एक समूह, पैदल चल रहा था, धूप से झुलसा हुआ था, और मौसम की मार-झेल रहा था, लेकिन हताश नहीं था; उनके हृदय हलके और प्रसन्न थे, जो उनके प्रसन्न और आनंदित चेहरों से स्पष्ट रूप से प्रकट हो रहा था।”

जैसे ही वे “मंदिर खंड से गुजरे, … शहर के विभिन्न हिस्सों से हजारों पुरुष, महिलाएं और बच्चे शानदार और आनंदमय स्वागत में एकजुट होने के लिए एकत्र हुए।” अध्यक्ष ब्रिघम यंग ने उन्हें संबोधित किया: “इस्राएल का प्रभु परमेश्वर आपको आशीष दे। … हमने लगातार आपके लिए प्रार्थना की है; आपके लिए हजारों प्रार्थनाएं दिन-प्रतिदिन उसी से की गई हैं जिसने हमें इस्राएल को इकट्ठा करने, सुसमाचार के प्रचार के द्वारा मानव संतान को बचाने और उन्हें मसीहा के आगमन के लिए तैयार करने की आज्ञा दी है।”

उस आनन्दपूर्ण अवसर की भावना में, मैं एक बार फिर सभी नए परिवर्तित और प्रभु के गिरजे में लौटने वालों को आश्वस्त करना चाहता हूं: हम आपसे प्रेम करते हैं; हमें आपकी आवश्यकता है; प्रभु को आपकी आवश्यकता है। हम आपका स्वागत मार्चिंग बैंड के साथ नहीं कर सकते, लेकिन हम प्रार्थना करते हैं कि स्वर्ग की आशीषें आपके प्रयासों में शामिल हों ताकि आप उस अनुबंध पथ पर आगे बढ़ सकें जो स्वर्गीय राज्य में परमेश्वर पिता और यीशु मसीह की ओर ले जाता है।

इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं कि हमारे समय में यीशु मसीह पर विश्वास बढ़ रहा है। अंतिम दिनों के संतो का यीशु मसीह के गिरजे में मन परिवर्तन और मन परिवर्तन में भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले 36 महीनों में लगभग 900,000 लोग गिरजे में शामिल हुए हैं। ये परिवर्तित लोग कुल गिरजे सदस्यता का लगभग 5 प्रतिशत हैं। हम नए सदस्यों का खुले दिल से स्वागत करते हैं तथा आपके द्वारा चुने गए मार्ग के प्रति गहरी सराहना व्यक्त करते हैं।

पिछले 36 महीनों में हुए 900,000 परिवर्तितों की संख्या, 1940 में गिरजे की 110वीं वर्षगांठ पर गिरजे की कुल सदस्यता से अधिक है, जो 860,000 से कुछ अधिक थी। यह वह वर्ष था जब अध्यक्ष जेफरी आर. हॉलैंड, एल्डर डाइटर एफ. उचडॉर्फ और मेरा जन्म हुआ था।

ये अद्भुत नये परिवर्तित लोग दुनिया के हर हिस्से से आते हैं। इस वर्ष के पहले छह महीनों में यूरोप, अफ्रीका, एशिया, प्रशांत और लैटिन अमेरिका में पिछले वर्ष की तुलना में मन परिवर्तन में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उत्तरी अमेरिका में हमने 17 प्रतिशत की वृद्धि देखी है। प्रभु का कार्य शक्तिशाली तरीकों से आगे बढ़ता रहता है। ये बढ़ती संख्याएं इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि सुसमाचार दिलों को छू रहा है और हर जगह जीवन बदल रहा है।

हमारे समय में, ये बहुमूल्य मन परिवर्तित लोग अब किसी केन्द्रीय स्थान पर एकत्रित नहीं होते। गिरजा के सदस्यों के विश्वास और समर्पण के कारण, पूरे विश्व में चैपल और मंदिरों— के निर्माण के साथ-साथ कलीसियाओं— को समर्थन देने के लिए संसाधन उपलब्ध हैं। आवश्यक पौरोहित्य कुंजियों और उपलब्ध कराए गए संसाधनों के साथ, अब दुनिया के अधिकांश हिस्सों में उद्धारकारी विधियां उपलब्ध हैं।

चाहे हम कहीं भी रहते हों, वर्तमान सदस्यों को लाखों नए सदस्यों का स्वागत करने की आवश्यकता है, जैसा कि हमने अंग्रेज और वेल्श संतों के साथ किया था, जिनका वर्णन मैंने अपने प्रारंभिक इतिहास में किया है। मुझे इस सत्र में एल्डर गेरिट डब्ल्यू. गोंग का भाषण बहुत पसंद आया, जिसमें उन्होंने हमें सिखाया कि किसी को भी भावनात्मक या आत्मिक रूप से अकेला नहीं बैठना चाहिए।

हमारा पवित्र कर्तव्य नये और वापस लौटने वाले सदस्यों को स्वीकार करना और उनका स्वागत करना है। जैसा की प्रभु अपना कार्य तेज कर रहा हैं, हमें भी उन लोगों से प्रेम करना चाहिए, उनका पोषण करना चाहिए और उनकी सेवा करनी चाहिए जो उसके सुसमाचार को स्वीकार करते हैं। हम सिय्योन के लोगों का निर्माण करने में मदद कर सकते हैं, जहां हम “एक हृदय और एक मन के होंगे, और धार्मिकता में [बने रहेंगे]।” प्रभु के साथ एक होने के लिए, हमें प्रभु के समक्ष एक होना होगा। बपतिस्मा की तिथि चाहे जो भी हो, सभी सदस्यों, की जिम्मेदारी है कि वे दूसरों का स्वागत करें।

गिरजे के सदस्यों को मेरी सलाह है कि वे इन अनमोल, चुने हुए लोगों को गले लगा लें जिन्होंने यीशु मसीह के सुसमाचार को स्वीकार कर लिया है।

अध्यक्ष गॉर्डन बी. हिंकले ने हमें सिखाया कि नए परिवर्तित व्यक्ति को “एक मित्र, एक जिम्मेदारी और ‘परमेश्वर के अच्छे वचन’ (मोरोनी 6:4) के साथ पोषण की आवश्यकता होती है।” हम उन मित्रों में शामिल हो सकते हैं जो इन नए परिवर्तित लोगों को आश्वस्त करते हैं कि वे हमारे हैं और मेहमान नहीं हैं। हम उन्हें यह समझने में मदद कर सकते हैं कि वे यीशु मसीह के शिष्य हैं जो दूसरों की सेवा कर सकते हैं और सेवा करने के लिए नियुक्तियों को स्वीकार कर सकते हैं। युवा परिवर्तित को पूर्णकालिक प्रचारक सेवा पर विचार करना चाहिए। सभी को मसीह के समान जीवन जीने का प्रयास करने के लिए दृढ़ संकल्प होना चाहिए।

कई लोग व्यक्तिगत रूप से बड़ा त्याग करके गिरजा में शामिल होते हैं और उन्हें अपने साथी संतों के प्रेम और समर्थन की अत्यंत आवश्यकता होती है।

आपमें से जो लोग नए हैं या विश्वास में वापस आ रहे हैं, उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अपने साथ सहनशीलता से काम लें। प्रचारकों ने तुम्हें आवश्यक सिद्धांत सिखाया है और राज्य की अनुबंधों और विधियों को समझाया है जो पवित्रशास्त्र और मेरे सुसमाचार का प्रचार करों.में वर्णित हैं।

विधियों और अनुबंधों को प्राप्त करना और आज्ञाओं का पालन करना आवश्यक है। उत्कर्ष के लिए आवश्यक अनुबंधों पर ध्यान केन्द्रित करें। सुसमाचार उत्कर्ष को संभव बनाता है, जिसके लिए परमेश्वर के साथ पवित्र अनुबंधों को बनाना और उनका पालन करना आवश्यक है। बपतिस्मा, पुष्टिकरण, और पुरुषों के लिए मेल्कीसेदिक पौरोहित्य प्रदान करने के अलावा, हम जिन अनुबंधों में प्रवेश करते हैं वे मंदिर में पूरे किए जाते हैं। मृतकों के लिए, इनमें से प्रत्येक उद्धारकारी विधि केवल मंदिर में ही की जाती है। इसलिए, मंदिर के लिए स्वयं को तैयार करना एक तत्काल लक्ष्य होना चाहिए।

कभी-कभी आप जो जानते हैं उसके बारे में अपर्याप्त महसूस करेंगे। सुसमाचार का ज्ञान एक महान आशीष है जो समय के साथ धीरे-धीरे प्राप्त होती है, लेकिन यह बचाने वाली विधि नहीं है। सुसमाचार ज्ञान की परीक्षा नहीं है। हालांकि, जैसा कि अध्यक्ष नेल्सन ने वादा किया है : “मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, मैं आपसे वादा करता हूं कि जब आप प्रतिदिन, मॉरमन की पुस्तक का प्रार्थनापूर्वक अध्ययन करते हैं, तो आप—प्रतिदिनबेहतर निर्णय लेंगे । जब आप अपने किए हुए अध्ययन पर मनन करते हैं, तो स्वर्ग की खिड़कियां आपके लिए खुल जाएंगी और आपको स्वयं के प्रश्नों के उत्तर और स्वयं के जीवन के लिये निर्देशन प्राप्त होगा।”

इसके अतिरिक्त, प्रत्येक वर्ष रविवार की बैठकों में गिरजे के पाठ्यक्रम में पुराने नियम, नए नियम, मॉरमन की पुस्तक, तथा सिद्धांत और अनुबंधों को शामिल किया जाता है। समय के साथ-साथ जैसे-जैसे आपका सुसमाचार ज्ञान बढ़ेगा, आप अधिक आत्मविश्वास महसूस करेंगे। पवित्रशास्त्रों का नियमित अध्ययन यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रति आपके रूपांतरण को गहरा करके आपके जीवन को आशीषित और समृद्ध करेगा।

यीशु मसीह के शुद्ध सिद्धांत को सीखना, सिद्धांत को समझने और मसीह के समान जीवन जीने दोनों में, आजीवन प्रयास है। आवश्यक अनुबंध एक ढांचा प्रदान करते हैं जिसे हम अनुबंध पथ के रूप में वर्णित करते हैं। ये सिद्धांत अध्यक्ष नेल्सन द्वारा प्रभावशाली ढंग से सिखाए गए हैं। सभी सदस्य, विशेषकर नए और वापस लौटने वाले, अनुबंधों और अनुबंध पथ पर उसके भविष्यसूचक संदेशों का अध्ययन करने और उन्हें अपनाने से धन्य होंगे।

यदि आप उत्कर्ष के लिए आवश्यक प्रत्येक अनुबंध को योग्यतापूर्वक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित करते हैं, तो आप उस मार्ग पर होंगे जो सिलेस्टियल राज्य की ओर ले जाता है। मंदिर और मंदिर की विधियों पर ही हमारा ध्यान केन्द्रित होना चाहिए। अधिकांश अनुबंध प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपलब्ध हैं। एक अनुबंध, अनंत विवाह, जिसमें साथी के साथ अपने प्रयासों को एकजुट करना शामिल है। हमारा लक्ष्य उस अनंत साथी को पाना होना चाहिए।

हालांकि, यदि इस समय अनंत विवाह संभव नहीं है तो निराश न हों। भविष्यवक्ताओं ने बोला है कि जो विश्वासयोग्य सदस्य आज्ञाओं का पालन करते हैं, उनकी कोई भी आशीषें नहीं रुकेंगी। मॉरमन की एक पुस्तक के भविष्यवक्ता, राजा बेंजामिन ने इसे बहुत खूबसूरती से कहा: “जो लोग परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करते हैं … वे सभी चीजों में धन्य हैं … और यदि वे … अंत तक विश्वासी हैं … तो वे कभी न खत्म होने वाली खुशी की स्थिति में परमेश्वर के साथ रह सकते हैं।”

यदि आपने पहले ही नहीं देखा तो आप पाएंगे कि सदस्य पूर्ण नहीं हैं। प्रकट सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि पृथ्वी पर अपने प्रवास के दौरान हम गलतियां करेंगे। हम एक अपूर्ण और पतित दुनिया में रहते हैं, न कि किसी सिलेस्टियल दुनिया में। यह जीवन परीक्षा का समय है, जिसमें पश्चाताप करने और स्वयं को सिद्ध करने के निरंतर अवसर मिलते रहते हैं।

जब हम यीशु मसीह के समान बनने का प्रयास करते हैं तो हम सभी अपर्याप्त महसूस करते हैं। उसका प्रायश्चित हमें प्रतिदिन पश्चाताप करने की अनुमति देता है जब हम में घटी हो जाती हैं। जैसा कि मॉरमन की पुस्तक के एक अन्य भविष्यवक्ता, नफी ने कहा: “[हम] मसीह में दृढ़ता से विश्वास करते हुए, आशा की परिपूर्ण चमक, और परमेश्वर और सभी मनुष्य से प्रेम करते हुए, हमेशा आगे बढ़ते चलो। इसलिए, यदि तुम, मसीह के वचन का प्याला पीते हुए, और अंत तक सहनशील बने रहते हुए, आगे बढ़ते रहोगे, तो देखो, पिता इस प्रकार कहता है: [तुम्हें] अनंत जीवन मिलेगा।”

जब हम अपने समय की चुनौतियों पर विचार करते हैं, तो हमें यह याद रखना चाहिए कि उद्धारकर्ता भी अपनी सांसारिक सेवकाई के दौरान अशांत और हिंसक समय में रहा था। उनका ध्यान तत्कालीन राजनीतिक चुनौतियों पर नहीं था; बल्कि संतों की पूर्णता पर था।

उद्धारकर्ता और उसके सिद्धांत और शिक्षाओं का अनुसरण करना इस संसार में कभी भी आसान नहीं रहा है जो की लगातार उथल-पुथल में रहता है। उद्धारकर्ता के लिए अपने नश्वर प्रवास के दौरान अस्थिर संसार में रहना आसान नहीं था, हमारे शुरुआती मार्गदर्शकों और सदस्यों के लिए भी यह आसान नहीं था और यह हमारे लिए भी आसान नहीं है। सौभाग्य से, जीवित भविष्यवक्ता हमें वह मार्गदर्शन प्रदान करते हैं जिसकी हमें आज के समय में विशेष आवश्यकता है। अध्यक्ष डैलिन एच. ओक्स उस आत्मिक रूप से शक्तिशाली विरासत को जारी रखेंगे।

मैं गवाही देता हूं कि यीशु मसीह के गिरजा का सिद्धांत अनंत और सत्य है। मैं अपनी निश्चित और दृढ़ गवाही देता हूं कि यीशु मसीह जीवित है, और उसके प्रायश्चित के कारण, हम उस में एक हो सकते हैं। यीशु मसीह के पवित्र नाम में, आमीन।

विवरण

  1. Charles Dickens, A Tale of Two Cities (1859), 1.

  2. One of Dickens’s themes was the idea of individual transformation in a time of social unrest.

  3. सिद्धांत और अनुबंध 45:26

  4. देखें गैरी ई. स्टीवेन्सन, “शांति निर्माता धन्य हैं,” लिआहोना, नवंबर 2025, 6-9.

  5. सिद्धांत और अनुबंध 1:23

  6. देखें सिद्धांत और अनुबंध 88:73

  7. देखें सिद्धांत और अनुबंध 59:23; यूहन्ना 14:27भी देखें।

  8. देखें प्रेरितों के काम 2:41

  9. देखें सिद्धांत और अनुबंध 112। यह प्रकटीकरण 23 जुलाई 1837 को प्राप्त हुआ था, जिस दिन इस व्यवस्था में पहली बार इंग्लैंड में सुसमाचार का प्रचार किया गया था। इन मिशनों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, देखें जेम्स बी. एलन, रोनाल्ड के. एस्प्लिन और डेविड जे. व्हिटेकर, Men With a Mission: The Quorum of the Twelve Apostles in the British Isles, 1837–1841 (1992)।

  10. इनमें से अधिकांश परिवर्तित लोग श्रमिक वर्ग से थे। चार्ल्स डिकेंस ने उनमें से कुछ को अमेजनजहाज पर सवार होकर संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की तैयारी करते हुए देखा। उसका मूल्यांकन अनुकूल था। उन्होंने उन्हें “अपनी डिग्री में, इंग्लैंड के पिक एंड फ्लावर” के रूप में वर्णित किया (“The Uncommercial Traveler,” All the Year Round, जुलाई 4, 1863,446)। देखें 1 कुरिन्थियों 1:26-28

  11. देखें “इंग्लैंड से आगमन, ‘सतत उत्प्रवास निधि’ द्वारा,” Deseret News, Sept. 18, 1852, 90.

  12. देखें सिद्धांत और अनुबंध 76:62,70; यह भी देखें 1 कुरिन्थियों 15:40-42

  13. सदस्य एवं सांख्यिकीय अभिलेख तथा मिशनरी विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी।

  14. सदस्य एवं सांख्यिकीय अभिलेख तथा मिशनरी विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी।

  15. सदस्य एवं सांख्यिकीय अभिलेख द्वारा प्रदान की गई जानकारी।

  16. सदस्य एवं सांख्यिकीय अभिलेख तथा मिशनरी विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी।

  17. 1890 के दशक तक, गिरजा के मार्गदर्शकों ने सदस्यों को यूटा में एकत्रित होने के बजाय अपनी मूल भूमि में ही रहने के लिए प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया। इंटरमाउंटेन वेस्ट के बाहर पहला स्टेक 1920 के दशक में बनाया गया था, और संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के बाहर पहला स्टेक न्यूजीलैंड में बनाया गया था (देखें Brandon S. Plewe, ed., Mapping Mormonism: An Atlas of Latter-day Saint History [2014], 184–85)।

  18. देखें सिद्धांत और अनुबंध 110:11–16

  19. देखें गेरिट डब्ल्यू. गोंग, “कोई भी अकेला नहीं बैठता,” लियाहोना, नवंबर 2025, 40-43।

  20. मूसा 7:18

  21. देखें यहजकेल 17:20-21; 1 कुरिन्थियों 12:11-31

  22. गॉर्डन बी. हिंकली, “Converts and Young Men,” Ensign, May 1997, 47

  23. देखें याकूब 2:5; यह भी देखें मत्ती 19:29; रोमियों 2:11; इफिसियों 2:19; मुसायाह 18:8–9

  24. देखें मेरे सुसमाचार का प्रचार करो: यीशु मसीह के सुसमाचार को साझा करने के लिए एक मार्गदर्शिका (2023), 17।

  25. देखें सिद्धांत और अनुबंध 14:7

  26. रसेल एम. नेल्सन, “मॉर्मन की पुस्तक: इसके बिना आपका जीवन कैसा होगा?,” लियाओना, नवंबर 2017, 62–63; स्पेंसर डब्ल्यू. किमबॉल को भी देखें: “When it seems that no divine ear is listening and no divine voice is speaking, … if [we] immerse [ourselves] in the scriptures the distance narrows and the spirituality returns” (Teachings of Presidents of the Church: Spencer W. Kimball [2006], 67).

  27. देखें यूहन्ना 5:39

  28. उदाहरण के लिए देखें, रसेल एम. नेल्सन, “परमेश्वर को प्रबल होने दें,” लियाहोना, नवंबर 2020, 92–95; “आत्मिक गति की शक्ति,” लियाहोना, मई 2022, 97–100; “दुनिया पर विजय पाओ और विश्राम पाओ,” लियाहोना, नवंबर 2022, 95–98.

  29. मुसायह 2:41

  30. देखें अलमा 34:32

  31. 2 नफी 31:20

  32. देखें इफिसियों 4:11-15

  33. देखें यूहन्ना 17:20-22