परमेश्वर की उपस्थिति में भरोसा
जब हम अपने जीवन में उदारता और सद्गुण को भरने का परिश्रम से प्रयास करेंगे, तो परमेश्वर के निकट जाने में हमारा भरोसा बढ़ेगा।
मेरे प्रिय भाइयों और बहनों, आज इस महत्वपूर्ण महा सम्मेलन में आप से बात करने का मैं आभारी हूं । मेरी आंखें लगातार बूढ़ी होती जा रही हैं। संदेश देते समय मेरी इस परिस्थिति को ध्यान में रखने के लिए आपका धन्यवाद।
हम यीशु मसीह के अंतिम-दिनों के संतों के गिरजे में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे समय में जी रहे हैं। जब मैं इतने सारे क्षेत्रों में प्रगति होते हुए देखता हूं, तो मैं आनंद से भर जाता हूं।
मैं विशेष रूप से हमारे युवाओं से प्रेरित हूं। वे बड़ी संख्या में सेवा कर रहे हैं। वे अपने पूर्वजों की खोज कर रहे हैं और मंदिर में विधियां संपन्न कर रहे हैं। हमारे युवक और युवतियां प्रचारक सेवा के लिए अत्यधिक संख्या में आवेदन कर हैं। यह उभरती हुई पीढ़ी यीशु मसीह के मजबूत अनुयायी के रूप में उभर रही है।
हाल ही में मैं हाल ही पैदा हुई पड़-पोती से मिला था। जब मैं उसके जीवन में आने वाली चुनौतियों के बारे में सोचता हूं, तो मुझे यीशु मसीह में उसका भरोसा बढ़ाने में मदद करने की तीव्र इच्छा होती है। यीशु मसीह के सुसमाचार का पालन करना उसके भविष्य की खुशी के लिए आवश्यक है।
उसे भी, हम सब के समान, चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। हम सभी बीमारी, निराशा, प्रलोभन और नुकसान का अनुभव करेंगे। ये चुनौतियां हमारे भरोसे को हिला सकती हैं। हालांकि, यीशु मसीह के शिष्यों के पास एक अलग तरह का भरोसा होता है।
जब हम परमेश्वर से अनुबंध बनाते और उनका पालन करते हैं, तो हमें आत्मा से उत्पन्न हुआ भरोसा प्राप्त हो सकता है। प्रभु ने भविष्यवक्ता जोसफ स्मिथ से कहा था कि हमारा भरोसा “परमेश्वर की उपस्थिति में मजबूत हो सकता है।” परमेश्वर की उपस्थिति में भरोसा रखने से मिलने वाली शांति की कल्पना कीजिए!
जब मैं परमेश्वर की उपस्थिति में भरोसा रखने की बात करता हूं, तो मेरा मतलब अभीपरमेश्वर के निकट जाने में भरोसा रखने से है! मैं भरोसे के साथ प्रार्थना करने की बात कर रहा हूं कि स्वर्गीय पिता हमारी प्रार्थना सुनता है। मैं इस बात पर भरोसा करने की बात कर रहा हूं कि वह हमारी समझ से भी अधिक हमसे प्रेम करता है। मैं इस बात पर भरोसा रखने की बात कर रहा हूं कि वह हममें से प्रत्येक को हमारी सर्वोच्च क्षमता तक पहूंचाने में मदद करना चाहता है।
अब, हम ऐसा भरोसा कैसे प्राप्त करते हैं? प्रभु इस प्रश्न का उत्तर इन शब्दों में देता है: “तुम्हारी दया का प्याला सभी मनुष्यों के प्रति उदारता से भी भरा रहे, और विश्वासी भाइयों के प्रति, और नैतिकता तुम्हारे विचारों को निरंतर सजाए; फिर तुम्हारा भरोसा परमेश्वर की उपस्थिति में मजबूत होगा।”
यह महत्वपूर्ण है! प्रभु के अपने शब्दों में, उदारता और सदगुण परमेश्वर की उपस्थिति में भरोसा रखने का रास्ता खोलता है! भाइयों और बहनों, हम यह कर सकते हैं! हमारा भरोसा वास्तव में परमेश्वर की उपस्थिति में मजबूत हो सकता है, अभी!
आओ उदारता और सदगुण दोनों पर विचार करें।
पहले, उदारता। दो वर्ष पहले, मैंने यीशु मसीह के अनुबंधित अनुयायियों के रूप में हमें शांतिप्रिय लोग बनने के लिए कहा था। मैं दोहराता हूं जो मैंने तब कहा था: “क्रोध से कभी भी किसी को राजी नहीं किया जा सकता है। बैर रखने से किसी का भी भला नहीं होता। विवाद करने से कभी भी प्रेरित समाधान नहीं निकलता।”
सभी मनुष्यों के प्रति सच्ची उदारता शांतिप्रिय लोगों की पहचान है! यह जरूरी है कि हम अपने सार्वजनिक और निजी बातचीत में उदारता को शामिल करें। मैं आप में से उन लोगों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मेरी पिछली सलाह का पालन किया है। लेकिन हम अभी भी बेहतर कर सकते हैं।
सार्वजनिक बातचीत और सोशल मीडिया पर वर्तमान द्वेष चिंताजनक है। घृणास्पद शब्द घातक हथियार हैं। विवाद पवित्र आत्मा को हमारी स्थाई साथी बनने से रोकता है।
यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते, हमें शांतिप्रिय लोगों के रूप में मार्गदर्शन करना चाहिए। जब उदारता हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जाती है, तो हम दूसरों को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति खो देंगे। हम दूसरों की आलोचना नहीं करेंगे। हम सभी वर्गों के लोगों के प्रति उदार होंगे। सभी मनुष्यों के प्रति उदारता हमारी प्रगति के लिए आवश्यक है। उदारता ईश्वरीय चरित्र का आधार है।
आओ हम अपने स्वर्गीय पिता से प्रार्थना करें कि वह हमारे हृदयों को अधिक उदारता से भर दे—विशेषकर उन लोगों के प्रति जिन्हें प्रेम करना कठिन है।—क्योंकि प्रेम हमारे स्वर्गीय पिता की ओर से यीशु मसीह के सच्चे अनुयायियों के लिए एक उपहार है उद्धारकर्ता शांति का राजकुमार है। हमें शांति के लिए उसके साधन बनना है।
अब, आओ हम सद्गुण की बात करते हैं। प्रभु हमें अपने विचारों को निरंतर सद्गुणों से संवारने को कहता है। कल्पना कीजिए कि जब आप किसी सकारात्मक विचार को सद्गुणों से बढ़ाएंगे तो आपको कितना बढ़ावा मिलेगा। सद्गुण हर बात को बेहतर और खुशहाल बनाता है! दूसरी ओर, कल्पना करें कि क्या होगा, जब आप किसी अशुद्ध विचार, क्रूर विचार या निराशाजनक विचार में सद्गुण शामिल करेंगे। सद्गुण उन विचारों को निकाल देगा। सद्गुण आपको चिंताग्रस्त, परेशान करने वाले विचारों से मुक्त करेगा।
भाइयों और बहनों, जब संसार दुष्ट होता जा रहा है, तो हमें अधिकाधिक पवित्र होने की आवश्यकता है। हमारे विचार, शब्द और कार्य सदैव सद्गुणी होने चाहिए तथा सभी मनुष्यों के प्रति मसीह के शुद्ध प्रेम से परिपूर्ण होने चाहिए । हमारे सामने महान अवसर यह है कि हम वैसे लोग बनें जैसा परमेश्वर बनाना चाहता है।
प्रभु के घर में नियमित उपासना करने से उदारता और सदगुण दोनों के लिए हमारी क्षमता बढ़ती है। इस प्रकार, मंदिर में बिताया गया समय प्रभु की उपस्थिति में हमारा भरोसा बढ़ाता है। मंदिर में अधिक समय बिताने से हमें अपने उद्धारकर्ता, यीशु मसीह के द्वितीय आगमन के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी। हमें उसके आगमन का दिन या समय नहीं पता है। लेकिन मुझे पता है कि प्रभु मुझे प्रेरणा देता है कि हम उस “बड़े और भयानक दिन” के लिए तैयार रहें।”
जब हम अपने जीवन में उदारता और सद्गुण को भरने का परिश्रम से प्रयास करेंगे, तो परमेश्वर के निकट जाने में हमारा भरोसा बढ़ेगा। मैं आपको प्रभु की उपस्थिति में अपना भरोसा बढ़ाने के लिए स्वेच्छा से कदम उठाने के लिए आमंत्रित करता हूं। फिर, जब हम बढ़ते हुए भरोसे के साथ अपने स्वर्गीय पिता के निकट जाएंगे, तो हम अधिक आनंद से भर जाएंगे, और यीशु मसीह में हमारा भरोसा बढ़ेगा। हम ऐसी आत्मिक शक्ति का अनुभव करने लगेंगे जो हमारी अधिकतम आशाओं से भी अधिक होगी।
हाल के वर्षों में मंदिर निर्माण में हुई तेजी के लिए हम प्रभु के आभारी हैं। उसके निर्देशन में, आज हम इनमें से प्रत्येक स्थान पर एक मंदिर निर्माण की योजनाओं की घोषणा करते हैं:
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चिहुआहुआ, मेक्सिको
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पिउरा, पेरू
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रिवेरा, उरुग्वे
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कैम्पो ग्रांडे, ब्राज़ील
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पोर्टो, पुर्तगाल
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उयो, नाइजीरिया
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सैन जोस डेल मोंटे, फिलीपींस
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नौमिया, न्यू कैलेडोनिया
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लिवरपूल, ऑस्ट्रेलिया
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काल्डवेल,, आयडाहो
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फ्लैगस्टाफ, एरिजोना
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रैपिड सिटी, साउथ डकोटा
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ग्रीनविल दक्षिण केरोलिना
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नॉरफ़ॉक, वर्जीनिया
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स्पैनिश फ़ोर्क, यूटा
मैं गवाही देता हूं कि इस्राएल का मुक्तिदाता, यीशु मसीह, अपने गिरजे का मार्गदर्शन करता है। वह फिर से आने की तैयारी कर रहा है। आओ हम भी उसका स्वागत करने की तैयारी करें। इसके लिए मैं यीशु मसीह के पवित्र नाम में प्रार्थना करता हूं, आमीन ।