“स्वर्गदूत मोरोनी जोसफ स्मिथ से मिलने आता हैं,” सिद्धांत और अनुबंध कहानियां (2024)
“स्वर्गदूत मोरोनी जोसफ स्मिथ से मिलने आता हैं,” सिद्धांत और अनुबंध कहानियां
1823
स्वर्गदूत मोरोनी जोसफ स्मिथ से मिलने आता हैं
पवित्र पुस्तक के बारे में सीखना
जोसफ स्मिथ के प्रथम दर्शन को तीन वर्ष बीत गए । जोसफ को तब से अपनी कुछ गलतियों के लिए बुरा लग रहा था। वह सोच रहा था कि परमेश्वर उसके बारे में कैसा महसूस करता होगा।
जोसफ स्मिथ—इतिहास 1:28 -29; संत, 1:20
एक रात, जब सब लोग सो गए, तो जोसफ ने प्रार्थना करने का निर्णय लिया। परमेश्वर ने पहले भी उसकी प्रार्थनाओं का उत्तर दिया था, और जोसफ जानता था कि परमेश्वर फिर से उसे उत्तर देगा।
जोसफ स्मिथ—इतिहास 1:29; संत, 1:21 -22
जब जोसफ प्रार्थना कर रहा था, तो कमरे में रोशनी भर गई । जोसफ ने अपने बिस्तर के पास एक स्वर्गदूत को हवा में खड़ा देखा। स्वर्गदूत ने बताया कि उसका नाम मोरोनी है। परमेश्वर ने उस को भेजा था उसने कहा कि परमेश्वर ने जोसफ को क्षमा कर दिया है और उसे एक कार्य सौंपा है। सारी दुनिया के लोग जोसफ और परमेश्वर द्वारा उसे दिए गए कार्य के बारे में जानेंगे।
मोरोनी ने कहा कि यह सोने के पन्नों या पट्टियों से बनी एक पुस्तक थी। इसे जोसफ के घर के पास एक पहाड़ी में दफनाया गया था। यह पुस्तक उन लोगों के बारे में हैं जो बहुत पहले अमेरिका में रहते थे। वे यीशु मसीह और उसके सुसमाचार के बारे में जानते थे। मोरोनी ने कहा कि परमेश्वर जोसेफ को पुस्तक का अनुवाद करने में सहायता करेगा ताकि लोग इसे पढ़ सकें।
मोरोनी उस रात तीन बार और अगले दिन दुबारा फिर मिलने आया। जोसफ ने अपने पिता को बताया कि उसने क्या देखा था। जोसफ के पिता खुश थे। “यह परमेश्वर की ओर से दर्शन था,” उसने जोसफ से कहा।
जोसफ स्मिथ—इतिहास 1:35 -50; संत, 1:22 -25
जोसफ पहाड़ी पर गया और एक भारी चट्टान के नीचे से सोने की पट्टियों को पाया। जब उसने उन्हें लेने का प्रयास किया तब उसने सोचा कि इनका मूल्य कितना होगा। मोरोनी आए और जोसफ से कहा कि वह अभी पट्टियों को प्राप्त कर ने के लिए तैयार नहीं है। उसने जोसफ से कहा कि जब तक वह तैयार न हो जाए, वह हर साल इस स्थान पर आता रहे।
जोसफ स्मिथ—इतिहास 1:51 -54; संत, 1:25 -27