2020–2024
मसीह के सिद्धांत पर भरोसा करना
अप्रैल 2023 महा सम्मेलन


10:30

मसीह के सिद्धांत पर भरोसा करना

जब हम अपने घरों का निर्माण मसीह के साथ बनाए अनुबंधों की नींव पर करते हैं, तो हम मसीह के सिद्धांत पर भरोसा कर रहे होते हैं।

अपने मन की आंखों से, मैं वृद्ध भविष्यवक्ता नफी को उसकी मेज के निकट देखता हूं, और देखता हूं उसके सामने सोने की पट्टियां फैली हुई हैं, और उसके हाथ में लेखनी है।

नफी अपने अभिलेख पर अपना अंतिम लेख पूरा करने की प्रक्रिया में था। उसने लिखा, “और अब, मेरे प्रिय भाइयों, मैं अपनी बातें समाप्त करता हूं।”2 लेकिन जल्द ही, आत्मा ने नफी से अपने अभिलेख पर लौटने और एक समापन संदेश लिखने का आग्रह किया। पवित्र आत्मा के शक्तिशाली प्रभाव के तहत, उस महान भविष्यवक्ता ने अपनी लेखनी को फिर से हाथ में लिया और लिखा, “इसलिए, जो बातें मैंने लिखी हैं वह पर्याप्त हैं, इनके अलावा मैं कुछ शब्द मसीह के सिद्धांत के संबंध में बोलूंगा।”2

हम उन “कुछ शब्दों”3 के लिए और नफी को उन्हें लिखने के लिए मजबूर करने वाली आत्मा के लिए बहुत आभारी हैं। मसीह के सिद्धांत पर नफी का लेख उन लोगों के लिए खजाना है जो इसका आनंद लेते हैं। इसमें उद्धारकर्ता के बपतिस्मा4 और पुत्र की वाणी का एक दर्शन है, जो सभी को उसका5 अनुसरण करने और “जो [हमने] [उसे] करते हुए] देखा है, उसे करने के लिए आमंत्रित करता है।”6 इसमें नफी की गवाही है कि जो लोग, मसीह में विश्वास के साथ, ईमानदारी से अपने पापों का पश्चाताप करते हैं और उसके बाद बपतिस्मा के जल के द्वारा उद्धारकर्ता का अनुसरण करते हैं, वे “पवित्र आत्मा प्राप्त करेंगे; हां, … आग और पवित्र आत्मा का बपतिस्मा।”7 हम पिता की वाणी यह गवाही देते हुए सुनते हैं: “हां, मेरे प्रिय पुत्र के वचन सच्चे और विश्वसनीय हैं। वह जो अंत तक धीरज धरेगा, वही बचाया जाएगा।”8

अध्यक्ष रसल एम. नेल्सन ने नए नियुक्त मिशन मार्गदर्शकों को संबोधन के दौरान मसीह के सिद्धांत के विलक्षण महत्व पर जोर दिया था: “किसी भी अन्य बात से अधिक, हम चाहते हैं कि हमारे प्रचारक … मसीह के सिद्धांत को अपने हृदय में अंकित करें—जैसे हड्डियों के अंदर का मज्जा।9

मेरे सुसमाचार का प्रचार करो मार्गदर्शिका, मसीह के सिद्धांत के पांच तत्वों को दर्शाती है। यह कहता है: “[हम] दूसरों को यीशु मसीह में विश्वास और उसके प्रायश्चित, पश्चाताप, बपतिस्मा, के माध्यम से पुन:स्थापित सुसमाचार प्राप्त करने में मदद करके मसीह के पास आने और पवित्र आत्मा का उपहार प्राप्त करने, और अंत तक धीरज रखने के लिए आमंत्रित करते हैं।”10

लेकिन मसीह के सिद्धांत का महत्व सिर्फ प्रचारकों के लिए नहीं है! और यह इसके पांच प्रमुख तत्वों की तुलना में बहुत अधिक जरूरी है। इसमें सुसमाचार की व्यवस्था शामिल है। यह अनन्त जीवन के लिए महान योजना है।

भाइयों और बहनों, यदि हम अध्यक्ष नेल्सन के निमंत्रण को स्वीकार करना चाहते हैं कि मसीह का सिद्धांत हमारी हड्डियों की मज्जा में समा जाए, तो हमें अध्ययन, प्रार्थना, विश्वसनीय जीवन और निरंतर पश्चाताप के माध्यम से प्रभु के प्रति अपने परिवर्तन को गहरा करना होगा। हमें पवित्र आत्मा को मसीह के सिद्धांत को “[हमारे] हृदय की मांस रूपी पटियों”11 में उतनी ही गहराई से और स्थायी रूप से लिखने के लिए आमंत्रित करना चाहिए जितना कि सोने की पट्टियों पर नफी द्वारा लिखा गया था।

पिछली अक्टूबर, अध्यक्ष नेल्सन ने पूछा था, “संसार पर विजय पाने का क्या अर्थ है?” अन्य बातों के अलावा, उन्होंने कहा, “इसका अर्थ है मनुष्यों की धारणाओं से अधिक मसीह के सिद्धांत पर भरोसा करना।”12

भरोसा शब्द की परिभाषा है, “किसी व्यक्ति या किसी बात के चरित्र, क्षमता, शक्ति, या सच्चाई पर निश्चित निर्भरता।”13 वह व्यक्ति यीशु मसीह है, और वह बात उसका सिद्धांत है।

तो मसीह के सिद्धांत पर जानकर भरोसा करने से हमारा जीवन जीने का तरीका कैसे बदलेगा?

यदि हम मसीह के सिद्धांत पर भरोसा करते हैं, तो हम मसीह पर उसके हर वचन के अनुसार जीने के लिए भरोसा करेंगे।14 हम यीशु मसीह,15 उसकी सेवकाई, उसकी शिक्षाओं, और उसके अनंत प्रायश्चित का आजीवन अध्ययन करेंगे उसके महान पुनरुत्थान सहित।। हम उसकी प्रतिज्ञाओं और उन स्थितियों का अध्ययन करेंगे जिन पर उन प्रतिज्ञाओं को दिया गया है।16 जब हम अध्यन करते हैं, तो हमारे लिए प्रभु का प्रेम और अधिक बढ़ेगा।

यदि हम मसीह के सिद्धांत पर भरोसा करते हैं, तो हम अपने स्वर्गीय पिता से प्रतिदिन विनम्र, एकांत में प्रार्थना करेंगे, जिसमें हम उसके पुत्र के उपहार और हमारी सभी आशीषों के प्रति आभार व्यक्त कर सकते हैं।17 हम पवित्र आत्मा की प्रकटीकरण संगति के लिए,18 अपनी इच्छा को उसके समान बनाने के लिए,19 हमारे अनुबंधों पर विचार और उनका पालने करने में अपनी निष्ठा नवीन करने के लिए20 प्रार्थना कर सकते हैं। हम अपने भविष्यवक्ताओं, दिव्यदर्शी, और प्रकटकर्ताओं का समर्थन और उनके प्रति प्यार व्यक्त करने;21 क्षमा की शुद्धिकरण22 और प्रलोभन का विरोध करने की शक्ति के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।23 मैं आपको परमेश्वर के साथ अपनी बातचीत को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिदिन समय निकालने और प्रयास करने के लिए आमंत्रित करता हूं।

यदि हम मसीह के सिद्धांत पर भरोसा करते हैं, तो हम संसार के दिखावे से दूर रहेंगे ताकि हम दुनिया के मुक्तिदाता पर ध्यान केंद्रित कर सकें।24 हम सोशल मीडिया पर बिताए गए समय; डिजिटल खेल; या बेकार, अत्यधिक, या अनुचित मनोरंजन; इस संसार के खजानों और निरर्थकता के आकर्षण; और कोई भी अन्य गतिविधियों को सीमित या समाप्त करेंगे जो लोगों की झूठी परंपराओं और गुमराह करने वाली धारणाओं को महत्व देती हैं। केवल मसीह में ही हम सच्चाई और परिपूर्णता पाते हैं।

सच्चा पश्चाताप25 हमारे जीवन का एक आनंदपूर्ण26 हिस्सा बन जाएगा—पाप के लिए क्षमा किए जाने और मसीह की छवि में परिवर्तित होने के लिए।27 मसीह में विश्वास के साथ पश्चाताप हमें मसीह के प्रायश्चित तक पहुंच प्रदान करता है। अध्यक्ष डैलिन एच. ओक्स ने बताया है कि जब उद्धारकर्ता क्षमा करता है, तो वह “[हमें] पाप से शुद्ध करने के अलावा बहुत कुछ करता है। वह [हमें] नयी शक्ति भी देता है।”28 हम में से प्रत्येक को परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करने और अपने जीवन के अनन्त उद्देश्य को पूरा करने के लिए इस शक्ति की आवश्यकता होती है।

यीशु और उसके सिद्धांत में, हमें शक्ति मिलती है। उसने कहा, “मैं तुमसे सच सच कहता हूं कि यह मेरा सिद्धांत है, और जो कोई इस पर निर्माण करेगा वह मेरी चट्टान पर निर्माण करेगा, और उनके विरूद्ध नरक के द्वार प्रबल नहीं होंगे।”29

हम विश्वासी लोगों के जीवन में इस वादों को पूरा होते हुए देखते हैं। यह एक साल पहले की बात है जब मुझे ट्रेविस और केसी से मिलने का सौभाग्य मिला था। उन्होंने 2007 में शादी की थी। उस समय ट्रैविस गिरजा का सदस्य नहीं था। केसी, हालांकि एक अच्छे घर में पली-बढ़ी, और गिरजा की सदस्या थी लेकिन अपनी किशोरावस्था में वह अपने विश्वास से भटक गई थी।

2018 में, ट्रैविस प्रचारकों से मिले और मार्च 2019 में उन्हें बपतिस्मा दिया गया था। ट्रैविस केसी के लिए एक प्रचारक बन कर आया, जिसने जीवन बदलने वाले परिवर्तन का भी अनुभव किया। उन्हें सितंबर 2020 को मंदिर में मुहरबंद कर दिया गया था। अपने बपतिस्मे के लगभग दो साल बाद, ट्रेविस को धर्माध्यक्षय सेवा के लिए नियुक्त किया गया।

ट्रैविस को एक दुर्लभ बीमारी थी जो उसके आंतरिक अंगों में लगातार ट्यूमर बना रही थी। बार-बार होने वाले ट्यूमर को हटाने के लिए उन्होंने कई सर्जरी कराई, लेकिन यह बीमारी लाइलाज थी। कई साल पहले, ट्रैविस को बताया गया था उसके पास जीने के लिए 10 साल से भी कम समय बचा है।

केसी को रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा है, एक दुर्लभ आनुवंशिक रोग जिससे उसकी आखों की रोशनी कम होती जा रही थी और पूर्ण अंधेपन में बदल रही थी।

केसी ने मुझे अपने भविष्य के बारे में बताया। उसने उस समय का अनुमान लगाया, जो दूर नहीं था, जब वह विधवा, अंधी, बिना आर्थिक सहायता के होगी, और चार बढ़ते बच्चों को पालने के लिए अकेली रह जाएगी। मैंने केसी से पूछा कि वह इतना अंधकारमय भविष्य कैसे संभाल पायेगी। वह शांति से मुस्कुराई और बोली, “मैं अपने जीवन में इससे अधिक खुश या आशावान कभी नहीं रही। हम उन वादों पर कायम हैं जो हमें मंदिर में मिले थे।”

ट्रैविस अब धर्माध्यक्ष है। दो महीने पहले उसकी एक और बड़ी सर्जरी हुई थी। लेकिन वह आशावादी और शांतिपूर्ण है। केसी की दृष्टि खराब होती जा रही थी। अब उसके पास गाइड करने के लिए एक कुत्ता है और वह गाड़ी चलाने में असमर्थ है। लेकिन वह संतुष्ट है, अपने बच्चों की परवरिश भी कर रही है और युवतियों की अध्यक्षता में सलाहकार के रूप में सेवा कर रही है।

ट्रैविस और केसी ने अपना घर चट्टान पर बनाया है। ट्रैविस और केसी मसीह के सिद्धांत और इस प्रतिज्ञा पर भरोसा करते हैं कि परमेश्वर एक दिन “[उनके] कष्टों को [उनके] लाभ के लिए समर्पित करेगा।”30 परमेश्वर की परिपूर्ण योजना में, मसीह में विश्वास से पीड़ा सहना हमारा मसीह में परिपूर्ण होने से जुड़ा हुआ है।31 दृष्टांत में उस बुद्धिमान व्यक्ति की तरह जिसने चट्टान पर अपना घर बनाया था,32 जब बारिश होती है, और बाढ़ आती है, और हवाएं चलती हैं, और उस घर से टक्कराती हैं जिसे ट्रैविस और केसी बना रहे हैं, यह नहीं गिरेगा, क्योंकि उसकी नींव तो चट्टान पर रखी गई होगी।33

यीशु ने हमारे जीवन में बारिश और बाढ़ और हवा की संभावना के बारे में नहीं कहा था; लेकिन उसने कहा कि निश्चय ही तूफान आएंगे। दृष्टान्त में यह बात महत्वपूर्ण नहीं है कि तूफान आएंगे या नहीं, बल्कि यह है कि हम उसके आमंत्रण पर ध्यान देने और करने के लिए क्या करते हैं।34 बचाव का कोई अन्य तरीका नहीं है।

जब हम अपने घरों का निर्माण मसीह के साथ बनाए अनुबंधों की नींव पर करते हैं, तो हम मसीह के सिद्धांत पर भरोसा कर रहे होते हैं और जैसे हम उसके निकट आते हैं, तो हमारे पास उसकी अनंत जीवन की प्रतिज्ञा होती है। जो लोग मसीह के सिद्धांत पर भरोसा करते हैं वे मसीह में दृढ़ता से आगे बढ़ते हैं और अंत तक धीरज धरते हैं। स्वर्ग के राज्य में खुद को बचाए जाने का कोई और तरीका नहीं है।35

मैं पुनरुत्थान प्राप्त जीवित यीशु मसीह की वास्तविकता की अपनी व्यक्तिगत गवाही देता हूं। मैं गवाही देता हूं कि परमेश्वर हमारे पिता ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने हमें हमारे पापों से मुक्त करने36 और दुखों से चंगाई देने के लिए अपने पुत्र को भेजा।37 मैं गवाही देता हूं कि उसने हमारे समय में परमेश्वर के भविष्यवक्ता को नियुक्त किया है, अध्यक्ष रसल एम. नेल्सन को भी, जिनके माध्यम से वे बोलता हैं और हमारा मार्गदर्शन करता हैं।

अपने संपूर्ण हृदय, मैं आपको मसीह के सिद्धांत पर भरोसा करने और मुक्तिदाता की चट्टान पर अपने जीवन का निर्माण करने के लिए आमंत्रित करता हूं। वह आपको कभी असफल नहीं करेगा। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।

विवरण

  1. 2 नफी 30:18

  2. 2 नफी 31:2; महत्व जोड़ा गया है।

  3. देखें 2 नफी 31:-32

  4. देखें 2 नफी 31:7-8

  5. देखें 2 नफी 31:10

  6. 2 नफी 31:12

  7. 2 नफी 31:13

  8. 2 नफी 31:15

  9. In Marianne Holman Prescott, “Elder Russell M. Nelson: ‘Epistles of the Lord,’Church News, July 1, 2015, thechurchnews.com.

  10. Preach My Gospel: A Guide to Missionary Service (2018), 1। “प्रचारक उद्देश्य” मसीह के सिद्धांत के पांच तत्वों को दर्शाता है। 2 नफी 31–32 की शिक्षा में कई अन्य महत्वपूर्ण तत्व शामिल हैं जो मसीह के सिद्धांत का हिस्सा हैं, जैसे कि मसीह के वचन को दृढ़ता से थामे रहना (देखें 2 नफी 31:19–20; 32:3); आज्ञाओं का पालन करना (देखें 2 नफी 31:7, 10, 18); प्रार्थना (देखें 2 नफी 32:8–9); यह सिद्धांत मसीह का प्रायश्चित बलिदान ही एकमात्र तरीका है जिससे हम बचाए जा सकते हैं (देखें 2 नफी 31:21)। मसीह के सिद्धांत के तत्व पूरे धर्मशास्त्र में पाए जाते हैं, हालांकि सिद्धांत की सबसे गहन चर्चा 2 नफी 31:5–21; 3 नफी 11:31–39; 3 नफी 27:13–21; और मूसा 6:59–62में है।

  11. 2 कुरिन्थियों 3:3

  12. रसल एम. नेल्सन, “संसार पर विजय पाना और विश्राम प्राप्त करना,” लियाहोना, नवंबर 2022, 96; महत्व जोड़ा गया है।

  13. Merriam-Webster.com Dictionary, “trust.”

  14. देखें सिद्धांत और अनुबंध 84:44

  15. देखें मत्ती 11:29

  16. देखें रसल एम. नेल्सन, “Drawing the Power of Jesus Christ into Our Lives,” लियाहोना, May 2017, 39: “We begin by learning about Him। जितना अधिक हम उद्धारकर्ता की सेवकाई और मिशन के बारे में जानेगे—उतना ही अधिक हम उसके सिद्धांत और उसने हमारे लिए क्या किया है, को समझते हैं। … मैं [आपको आमंत्रित करता हूं] Topical Guide में यीशु मसीह के बारे में पवित्र शास्त्र उद्धरणों को [आपका] व्यक्तिगत दैनिक पाठ्यक्रम बनाएं।

  17. देखें मत्ती 6:6-13

  18. देखें 3 नफी 19:9

  19. देखें 2 नफी 4:35; 3 नफी 19:24; सिद्धांत और अनुबंध 46:30

  20. देखें रसल एम. नेल्सन, “मंदिर और आपकी आत्मिक नींव,” लियाहोना, नवंबर 2021, 95: मैं आपको आमंत्रित करता हूं कि एक नियमित समय के लिए अपने मन में उन अनुबंधों दोहराएं जिन्हें आप बनाया है।

  21. देखें सिद्धांत और अनुबंध 107:22

  22. देखें मुसायाह 4:10

  23. देखें मत्ती 6:13

  24. देखें मत्ती 6:19-21, 33

  25. राजा बिन्यामीन ने सच्चे पश्चाताप का वर्णन किया है: “और फिर से,विश्वास करो कि तुम्हें अपने पापों पर पश्चाताप करना है और उनका त्याग कर दो; और परमेश्वर के सामने अपने आप को विनम्र कर लो; और अपने सच्चे हृदय से क्षमा याचना करो, और अब, यदि तुम इन बातों पर विश्वास करते हो तब तुम इनके अनुसार आचरण करो” (मुसायाह 4:10)।

  26. देखें रसल एम. नेल्सन, “आत्मिक संवेग की शक्ति,” लियाहोना, मई 2022, 98–99: “प्राकृतिक मनुष्यत्व को दूर करने के आनंद का अनुभव करने के लिए आज से शुरुआत करें। उद्धारकर्ता हमें सदा प्रेम करता है लेकिन विशेष रूप से तब जब हम पश्चाताप करते हैं। … प्रतिदिन पश्चाताप करने के आनंद की खोज करें।”

  27. देखें अलमा 5:14-15

  28. Dallin H. Oaks, “Our Message for Missionaries” (worldwide missionary broadcast, Jan. 20, 2016); see also Dallin H. Oaks, “Sin and Suffering,” Ensign, July 1992, 73.

  29. 3 नफी 11:39; महत्व जोड़ा गया है।

  30. 2 नफी 2:2

  31. देखें इब्रानियों 5:8-9

  32. देखें 3 नफी 14:24-27

  33. देखें 3 नफी 14:24-25

  34. देखें 3 नफी 14:24

  35. देखें 2 नफी 31:20-21

  36. देखें यूहन्ना 3:16-17

  37. देखें यूहन्ना 16:20