परमेश्वर के परिवार को एकत्रित करना
परमेश्वर पिता अपने बच्चों को दोबारा से घर,परिवारों में और महिमा में चाहते है ।
मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, महा सम्मेलन के इस सत्र के आरंभ में आपके साथ होने के अवसर से मैं आनंदित हूं । मैं आपका गर्मजोशी से स्वागत करता हूं ।
महा सम्मेलन हमेशा से अंतिम-दिनों के संतों के लिये एकत्रित होने का समय रहा है । हमने बहुत पहले से शारीरिकरूप से एक स्थान पर एकत्रित होने की योग्यता को विकसित कर लिया है, लेकिन प्रभु ने महा सम्मेलन की आशीषों को आप तक पहुंचाने के तरीके उपलब्ध कराएं चाहे आप कहीं भी हों । इस विशाल सम्मेलन केंद्र में संतों क एकत्रित देखना यह प्रभावशाली है, हम जो इस मंच पर खड़े होते हैं हमारी मन की आंखें में वे लाखों लोग होते हैं जो विश्वभर में सम्मेलन को देखने और सुनने के लिये एकत्रित होते हैं । आप में से बहुत से अपने परिवारों के साथ एकत्रित हैं; कुछ मित्रों या गिरजे के साथी-सदस्यों के साथ ।
आप जहां कहीं भी हों, और आप कैसे भी मेरी आवाज सुन रहे हों, कृपया जानें कि बेशक आप व्यक्तिगतरूप से हमारे साथ नहीं है, हम महसूस करते हैं कि आप हमारे साथ आत्म में हैं । हम आशा करते हैं कि आप सब हमारे साथ एक महसूस करेंगे --- कि आप उस आत्मिक शक्ति को महसूस करेंगे जो तब आती है जब विश्वासियों का समुह यीशु मसीह के नाम में एकत्रित होते हैं ।
आज मैं आप से एक अन्य प्रकार के एकत्रित होने के विषय में बोलने के लिये प्रभावित महसूस करता हूं । इस प्रकार का एकत्रित होना, महा सम्मेलन के रूप में, केवल छह महिनों में एक बार नहीं होता है । इसके बजाय यह गिरजे की पुनास्थापना के आरंभिक दिनों से निरंतर हो रहा है, और इसमें हाल के कुछ वर्षों में तेजी आई है । मैं इसे परमेश्वर के परिवार का एकत्रित होना से संर्दभ करता हूं ।
इस प्रकार के एकत्रित होने की व्याख्या करने के लिये, हमारे जन्म से पहले से आरंभ करना अच्छा होगा, जिसे बाइबिल "आदि" कहती है (उत्पति 1:1) । उस समय, हम स्वर्गीय पिता के साथ उसके आत्मिक संतान के रुप में रहते हैं । यह सत्य प्रत्येक उस व्यक्ति के लिये है जो कभी पृथ्वी पर रहे हो ।
आप ध्यान दें, नाम "भाई" और "बहन" हमारे लिये मात्र मित्रवत अभिवादन या प्रेम के शब्द नहीं हैं । ये अनंत सच्चाई की अभिव्यक्ति हैं: परमेश्वर संपूर्ण मानवजाति का वास्तविक पिता हैं; हम में से हर एक उसके अनंत परिवार का हिस्सा है । क्योंकि वह हम से एक परिपूर्ण पिता के प्रेम से प्यार करता है, वह चाहता है हम विकास करें और आगे बढ़ें और उसके समान बनें । उसने एक योजना नियुक्त की जिसके द्वारा हम पृथ्वी पर आएंगे, परिवारों में, और अनुभव प्राप्त करेंगे जो हमें उसके पास लौटने और उसके साथ रहने के लिये तैयार करेंगी जैसे वह रहता है ।
इस योजना की मुख्य बात यह प्रतिज्ञा थी कि यीशु मसीह बलिदान के रूप में स्वयं को अर्पण करेगा, पाप और मृत्यु से हमें बचाने के लिये । उस योजना में हमारा कार्य उद्धारकर्ता के बलिदान को सुसमाचार की व्यवस्था और विधियों का पालन करके स्वीकार करना है । आपने और मैंने इस योजना को स्वीकार किया था । असल में, हम इसमें आनंदित हुए थे, जबकि इसका अर्थ था कि अपने पिता की उपस्थिति को छोड़ना था और कि हम भूल जाएंगे था कि हमने उसके साथ क्या अनुभव किये थे ।
लेकिन हमें यहां पूर्णरूप से अंधकार में नहीं भेजा गया था । हम में से प्रत्येक को परमेश्वर के प्रकाश का एक अंश दिया गया था, जिसे "मसीह का प्रकाश" बुलाते हैं, अच्छाई और बुराई, सही और गलत के बीच अंतर करने में हमारी मदद के लिये । इसलिये वे भी जिनके पास पिता की योजना का कम या कोई ज्ञान नहीं है फिर भी अपने हृदयों में, समझ सकते हैं, कि कुछ काम सही और उचित हैं जबकि अन्य नहीं ।
सही और गलत की हमारी समझ विशेषकर उस समय प्रभावशाली होती है जब हम अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं । अपने बच्चों को नैतिक मूल्यों को सीखाना प्रत्येक माता-पिता की सहज इच्छा होती है । यह स्वर्गीय पिता की योजना के चमत्कार का हिस्सा है । वह चाहता है उसकी संतान पृथ्वी में आएं, स्वर्ग के समान अनंत परिवारों का आदर्श का अनुकरण करते हुए । परिवार अनंत राज्य में संगठनात्मक ईकाई का मूल है, और इसलिये वह उनके लिये पृथ्वी पर भी इस मूल ईकाई को चाहता है । हालांकि संसारिक परिवार परिपूर्ण होने से कोसों दूर होते हैं, वे परमेश्वर के बच्चों का पृथ्वी पर उस एकमात्र प्रेम से स्वागत किए जाने का उत्तम मौका देते हैं जो उसके समान होता है जिसे हमने स्वर्ग में महसूस किया था --- माता-पिता का प्रेम । परिवार नैतिक मूल्यों और सच्चे नियमों को सुरक्षित रखने और आगे बढ़ाने का उत्तम तरीका है जो हमें परमेश्वर की उपस्थिति में वापस ले जाने का मार्ग दिखाते हैं ।
परमेश्वर के बच्चों की बहुत कम संख्या, इस जीवन के दौरान पौरोहित्य धर्मविधियों और अनुबंधों सहित परमेश्वर की योजना को संपूर्णरूप से समझ पाते हैं, जिससे उद्धारकर्ता का प्रायश्चित प्रभावशालीरूप से हमारे जीवनों में कार्य करता है । वे जो सबसे अच्छे माता-पिता के साथ रहते हैं जिस प्रकाश से उन्होंने प्राप्त किया है उसके अनुसार विश्वसनीय रूप से जीवन जी सकते हैं लेकिन कभी यीशु मसीह और उसके प्रायश्चित के बारे में नहीं सुना या उसके नाम में बपतिस्मा लेने के लिये आमंत्रित किये गए हो । यह विश्वभर के इतिहास में हमारे अनगिनत लाखों भाइयों और बहनों के लिये यह सच रहा है ।
कुछ इसे अनुचित सोच सकते हैं । वे इसे एक प्रमाण के रूप में भी ले सकते हैं कि कोई योजना नहीं है, उद्धार के लिये कोई विशेष जरूरत नहीं है --- इसे उचित महसूस करते हुए, प्रेमी परमेश्वर ऐसी योजना नहीं बनाएगा जो इतने कम अनुपात में उसके बच्चों को उपलब्ध हो । अन्य सोच सकते हैं कि परमेश्वर ने पहले से ही सोच रखा है कि अपने कौन से बच्चों को वह बचाएगा और उन्हें अपना सुसमाचार उपलब्ध कराया है, जबकि जिन्होंने सुसमाचार को कभी नहीं सुना है वे "चुनें" नहीं गए हैं ।
लेकिन आप और मैं जानते हैं, भविष्यवक्ता जोसफ स्मिथ के माध्यम से पुनास्थापित सच्चाइयों के कारण, कि परमेश्वर की योजना अधिक प्रेममय और न्यायसंगत है । हमारा स्वर्गीय पिता अपने परिवार के सभी लोंगो को एकत्रित करने और आशीष देने के लिये उत्सुक है । जबकि वह जानता है वे सब एकत्रित होने का चुनाव नहीं करेंगे, उसकी योजना उसके प्रत्येक बच्चे को उसका निमंत्रण स्वीकार या अस्वीकार करने का मौका देती है । और परिवार उसकी योजना के केंद्र पर हैं ।
सदियों पहले, भविष्यवक्ता मलाकी ने कहा था कि आने वाले समय में, परमेश्वर "माता-पिता के मन को उनके पुत्रों की ओर, और पुत्रों के मन को उनके माता-पिता की ओर फेरने के लिये" एलिजा को भेजेगा” (मलाकी 4:6)।
यह भविष्यवाणी इतनी महत्वपूर्ण थी, कि उद्धारकर्ता ने इसे तब बताया था जब अपने पुनरूत्थान के बाद वह अमरीकी महाद्विप में गया था ( देखें 3 नेफी 25:5–6)। और जब स्वर्गदूत मोरोनी भविष्यवक्ता जोसफ स्मिथ से मिला था, उसने भी एलिजा और मनों, माता-पिता, और बच्चों की भविष्यवाणी के बारे में बताया था ( देखें जोसफ स्मिथ—इतिहास 1:36–39)।
आज पहली अप्रैल है 1। आज से दो दिन बाद, तीन अप्रैल को, मलाकी की भविष्यवाणी को पूरा हुए 181 वर्ष होंगे । उस दिन, एलिजा आया और उसने जोसफ स्मिथ को परिवारों को अनंतरूप से मुहरबंद करने के लिये पौरोहित्य अधिकार दिया था (सिऔरअनु 110:1–16)।
उस दिन से अब तक, अपने परिवार के इतिहास की खोज करने की दिलचस्पी में अत्याधिकरूप से बढ़ोतरी हुई थी । हमेशा बढ़ती दर से, लोग अपने पूर्वजों की ओर मात्र आम जिज्ञासा से अधिक आ रहे हैं । इस रुचि को सहारा देने के लिये संसार भर में वंशावली पुस्तकालय, संगठन, और तकनीकी प्रकट हो गई हैं । संचार को बढ़ाने के लिये इंटरनेट के प्रभाव ने परिवारों को परिवार इतिहास खोज में मिलकर कार्य करने में इतनी तेज गति और पूर्णरूप से सक्षम किया है जोकि पहले कभी संभव नहीं था ।
यह सब क्यों हो रहा है ? बेहतर शब्द के अभाव में, हम इसे "एलिजा की आत्मा" कहते हैं । हम इसे सामान्यता से “भविष्यवाणी की परिपूर्णता भी कह सकते हैं ।” मैं गवाही देता हूं कि एलिजा वास्तव में आया था । संतानों के हृदय --- आपके और मेरे --- हमारे पिताओं, हमारे पूर्वजों की ओर फिर गये हैं । जो लगाव आप अपने पूर्वजों के प्रति महसूस करते हैं यह उस भविष्यवाणी का हिस्सा है । यह आपके समझ में अच्छी तरह समा गया है कि आप कौन हैं । लेकिन यह मात्र विरासत में मिले डीएनए से अधिक है ।
उदाहरण के लिये, जब आप अपने परिवार इतिहास को जानने की प्रेरणाओं का अनुसरण करते हैं, आपको पता चलता है कि आपका दूर का रिश्तेदार का चेहरा या किताबों में शौक या गाने का हुनर आपके हुनर से मिलता-जुलता है । यह बहुत दिलचस्प और व्यावहारिक भी हो सकता है । लेकिन यदि आपका कार्य वहीं रूक जाता है, तो आप महसूस करेंगे कि कुछ कमी है । यह इसलिये क्योंकि परमेश्वर के परिवार एकत्रित करने और मिलाने के लिये मात्र गर्मजोशी से अधिक की जरूरत होती है । इसके लिय पौरोहित्य धर्मविधियों के संबंध में बनाएं गए पवित्र अनुबंधों की जरूरत होती है ।
आप के बहुत से पूर्वजों ने वे धर्मविधियां प्राप्त नहीं की थीं । लेकिन परमेश्वर की दिव्यता में, आपने प्राप्त की हैं । और परमेश्वर जानता था कि प्रेम वश आप अपने पूर्वजों के निकट होना महसूस करेंगे और आपके पास उनकी पहचान करने की आवश्यक तकनीक होगी । वह यह भी जानता था कि आप उस समय में रहोगे जब पवित्र मंदिरों तक पहूंच पाना, जहां धर्मविधियों को किया जा सकता है, इतिहास में सर्वाधिक होगा । और वह जानता था कि अपने पूर्वजों के पक्ष में इस कार्य को पूरा करने के लिये वह आप पर भरोसा कर सकता है ।
अवश्य ही, हम सबों के पास बहुत से दबाव और महत्वपूर्ण जिम्मदारियां हैं जिन्हें हमारे ध्यान और समय की जरूरत हैं । हम सबों के पास ऐसे कार्य हैं जिसकी प्रभु हम से आशा करता है हमारी योग्यताओं के परे हैं । सौभाग्य से, प्रभु हम में से प्रत्येक के लिये अपनी सभी सेवा में विश्वास और संतुष्टि प्राप्त करने के मार्ग उपलब्ध कराता है, परिवार इतिहास के कार्य सहित । हमें उस कार्य को करने में शक्ति मिलती है जो वह हमारे विश्वास के माध्यम से करने को कहता है कि उद्धारकर्ता ऐसी कोई आज्ञा नहीं देता "जिसे पूरा करने के लिये वह हमारे लिये पहले से मार्ग तैयार न करे" । (1 नेफी 3:7)
मैं अपने अनुभव से जानता हूं कि यह सच है । बहुत वर्षो पहले, एक विश्व-विद्यालय के विद्यर्थी के रूप में, मैं एक व्यक्ति से मिला था जो एक संसार में बहुत बड़ी कंपूटर कंपनी में कार्य करता था । यह कंपूटर का आरंभिक समय था, और मात्र ऐसा हुआ कि उसकी कंपनी ने उसे अंतिम-दिनों के संतों के यीशु मसीह के गिरजे को कंपूटर बेचने के लिये भेजा था ।
जहां तक मैं कह सकता हूं, इस विक्रेता का कोई धार्मिक विश्वास नहीं था । फिर भी उसने आश्चर्य और अविश्वास के साथ कहा था, "इस गिरजे में लोग ऐसा कार्य कर रहे थे जिसे वे ’वंशावली’ कहते हैं,’ उन लोगों के नाम खोजना जो मर चुके हैं, अपने पूर्वजों को पहचानने की कोशिश करना । लोग,ज्यादतर औरतें, फाइलों की अलमारियों के बीच चोरो ओर चक्कर लगाते थे, सूचना के छोटे कार्ड के माध्यम से खोज करने के लिये । “यदि मैं सही सोच रहा हूं, वह कहता है कि औरतें टेनिस जूते पहनीवी थी ताकि वे थोड़ा तेज भाग सकें । पुरुत चलते जा रहे थे, जब मैंने उस कार्य के आकार को देखा जो वे कर रहे थे, तो मुझे एहसास हुआ कि मैंने कंपूटर के अविष्कार का कारण खोज लिया था।”
हां, वह कुछ हद तक सही था । कंपूटर परिवार इतिहास कार्य के भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है --- लेकिन केवल कंपूटर ही नहीं जिन्हें वह बेच रहा था । गिरजे के प्रेरित मार्गदर्शक ने उसके कंपूटर नहीं खरीदने का निर्णय लिया था । गिरजे ने तकनीक की उस समय प्रतिक्षा की थी जब इसकी कल्पना भी नहीं की गई थी । लेकिन तब से बहुत से वर्षों में मैंने सीखा है कि उत्तम तकनीकी भी स्वर्ग से मिले प्रकटीकरण का स्थान कभी नहीं ले सकती है, जिस प्रकार गिरजे के उस मार्गदर्शक ने प्राप्त किया था । यह एक आत्मिक कार्य है, और प्रभु इसे उसकी पवित्र आत्मा के द्वारा निर्देशित करता है ।
केवल कुछ हफ्ते पहले, मेरे अपने बगल में सलाहकार और अन्य सहायक के साथ फोन पर अपने परिवार इतिहास पर कार्य कर रहा था । मेरे सामने के कंपूटर की स्क्रीन में समस्या थी जिसे ठीक करना मेरे लिये कठीन था । मैंने दो नाम देखे, जो तकनीकी चमत्कार द्वारा मुझे भेजे गये थे, ऐसे लोगों के जो शायद मंदिर धर्मविधियों की प्रतिक्षा कर रहे थे । परन्तु परेशानी यह थी की नाम भिन्न थे, लेकिन यह विश्वास करने के पीछे कारण था कि ये एक ही व्यक्ति के हो सकते हैं । मेरा कार्य यह पता करना था कि सच क्या था ।
मैंने अपने सलाहकारों से पुछा था । वे कहते है, नहीं, “आपको चुनाव करना चाहिए,” और वे पूर्णरूप से निश्चित थे मुझे सच्चाई पता चल जाएगी । कंपूटर ने, इसकी शक्ति और सूचना के साथ, मुझे इस आशीष के साथ छोड़ दिया कि मैं स्क्रीन पर उन नामों को निहारता रहा, उपलब्ध सूचना का मूल्यांकन करते हुए, अन्य खोज का प्रयास, शांति से प्रार्थना करते हुए, और खोजते हुए कि सच्चाई क्या थी । जैसे मैंने प्रार्थना की, मुझे निश्चितता से मालूम हुआ क्या करना है --- ऐसी ही अन्य परिस्थितियों के समान जब समस्या को हल करने के लिए मुझे स्वर्ग से मदद पर भरोसा करने की जरूरत थी ।
हम नहीं जानते परमेश्वर उसके परिवार को एकत्रित करने के उसके कार्य में मदद करने के लिये किन चमत्कारों से लोगों को प्रेरित करेगा । लेकिन कुछ भी चमत्कारी आविष्कार आएं, उनका उपयोग करने के लिये आप और मेरे जैसे लोगों में आत्मा को कार्य की जरूरत होगी । इससे हमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए । आखिरकार, ये परमेश्वर के प्रिय बेटे और बेटियां हैं । उसके पास वापस लौटने का मौका देने के लिये जिस किसी प्रेरणा को उन्हें देने की जरूरत है को भेजेगा ।
हाल के वर्षों में, गिरजे के युवाओं ने एलिजा की आत्मा का जवाब प्रेरणादायक रूप से दिया है । बहुत से अब अपनी स्वयं की सीमित-उपयोग मंदिर संतुति को धारण करते हैं और अकसर इसका उपयोग करते हैं । मंदिर बपतिस्मा कुंड पहले से अधिक व्यस्त हैं; कुछ मंदिरों को मंदिर आने वाले युवा लोगों की बढ़ती संख्या को स्थान देने के लिये अपनी समय-सारणी में बदलाव करना पड़ता है ।
युवाओं के लिये यह एक दुर्लभ किंतु स्वागत योग्य अपवाद है कि वे मंदिर में अपने स्वयं के पूर्वजों के नाम लाते हैं । अब यही रीति है, और बहुत बार युवा लोग पूर्वजों के उन नामों को लाते हैं जिन्हें उन्होंने स्वयं खोजा है ।
इसके अतिरिक्त, कई युवाओं ने पाया है कि परिवार इतिहास खोज और मंदिर कार्य के लिये उनके समय देने से उद्धार की योजना की उनकी गवाही मजबूत हुई है । इसने उनके जीवन में आत्मा के प्रभाव को बढ़ाया और शैतान के प्रभाव को कम किया है । इसने उन्हें उनके परिवारों के निकट और प्रभु, यीशु मसीह, के निकट होने में मदद की है । उन्होंने सीखा है कि यह कार्य न केवल मृतक का उद्धार करता है; बल्कि यह हम सबका उद्धार करता है (सिऔरअनु 128:18)।
युवाओं ने इस दिव्य-दर्शन को सराहनीयरूप से थाम लिया है; अब उनके माता-पिता को इसे थामने की जरूरत है । अब आत्मिक संसार में बहुत से हैं जिन्होंने बपतिस्मे को स्वीकार कर लिया है, युवाओं द्वारा इस कार्य को करने से, और वे अपनी अन्य धर्मविधियों की प्रतिक्षा कर रहे हैं जिन्हें संसार भर के मंदिरों में केवल वयस्क ही कर सकते हैं । स्वर्गीय पिता के परिवार को एकत्रित करने का कार्य केवल युवा लोगों के लिये नहीं है, और यह केवल दादा-दादी/नाना-नानी के लिये नहीं है । यह हम सबों के लिये है । हम सब एकत्रित करने वाले लोग हैं ।
यह हमारी पीढ़ी का कार्य है, जिस प्रेरित पौलुस ने "समयों के परिपूर्णता का प्रबंध " कहा था, जब परमेश्वर "जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे" (इफीसियों 1:10)। यह परमेश्वर के प्रिय पुत्र, यीशु मसीह के प्रायश्चित के कार्य के माध्यम से संभव हुआ है । उसके कारण, हमारे परिवार के सदस्य, "जो पहले दूर थे, मसीह के लहू के द्वारा निकट हो गए हैं । क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया है: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया (इफीसियों2:13–14) । तुमने इसे महसूस किया है, जैसे मैंने किया है, जब आपने अपने किसी पूर्वज की फोटो को देखकर उनके प्रति प्रेम में वृद्धि को अनुभव किया है । आपने इसे मंदिर में अनुभव किया है, जब कार्ड में छपा नाम मात्र नाम होने से अधिक लगता है, और आपने जाना है कि यह व्यक्ति आपके बारे में जानता है और इसने आपके प्रेम को महसूस किया है ।
मैं गवाही देता हूं कि पिता परमेश्वर चाहता है उसके बच्चे फिर से घर वापस आएं, परिवार में और महिमा में । उद्धारकर्ता जीवित है । वह इस कार्य को आशीषित कर निर्देशित करता है, और हमारी देख-भाल करता और हमें मार्ग दिखाता है । वह उसके परिवार को एकत्रित करने में आपकी विश्वसनीय सेवा का धन्यवाद करता है, और मैं उस प्रेरित सहायता का आपसे वादा करता हूं जिसकी आप खोज करते और जिसकी आपको जरूरत है । यीशु मसीह के नाम में, आमीन ।